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स्वास्थ्य मंत्री विज ने मुख्यमंत्री को दिखाया उनके विभाग का आईना

7 वर्ष पहले
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अम्बाला। नगर निगम के बड़े अफसरों पर स्वास्थ्य मंत्री विज के दौरे के बाद जल्द ही गाज गिर सकती है। अनिल विज ने शिकायत का जो रजिस्टर सील करके मुख्यमंत्री खट्टर को भेजा है। उस मामले में खट्टर गंभीर बताए गए हैं। मुख्यमंत्री खट्टर ने पदभार सभांलते ही सबसे पहले प्रदेश के हर जिले में जनता की समस्या के समाधान के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ खोले हैं।
इन शिकायतों का निवारण सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होता है। हर माह रिव्यू भी वहीं से होता है। इसके पीछे मुख्यमंत्री का ध्येय आम आदमी की शिकायत का जल्द निवारण करना है।
इस योजना को आगे बढ़ाते हुए सभी विभागों ने भी शिकायत रजिस्टर बनाने शुरू कर दिए। हालांकि नगर निगम में जो रजिस्टर सील किया गया, वो भले ही मुख्यमंत्री के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का नही था, लेकिन जनता की शिकायत निवारण का जरूर था। नगर निगम का प्रभार भी मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है।
ऐसे में रजिस्टर की कड़ी मुख्यमंत्री की चहेती योजना से जुड़ गई है। विज ने भी मौके पर चौका मारा और रजिस्टर सीधे सील करके मुख्यमंत्री को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री खट्टर मामले में पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने मामले की जांच अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता को दे दी है। ऐसे में नगर निगम के अफसरों पर गाज गिरना तय है।
क्या है रजिस्टर
ये वो रजिस्टर है, जिसमें आम आदमी की दी हुई शिकायत को कार्रवाई के लिए दर्ज किया जाता है। शिकायतकर्ता को शिकायती पत्र देने में 15 से 25 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। साथ ही वह समाधान का इंतजार करता है, लेकिन इस शिकायत रजिस्टर में उन शिकायत का दर्ज करने के बजाय रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया था।
क्या है सीएम के आदेश
खट्टर के आदेशों के मुताबिक संबंधित विभाग जनता की शिकायत को रजिस्टर में दर्ज करेगा और कम से कम सात दिन मेें उस शिकायती पत्र पर कार्रवाई करना जरूरी है। शिकायत पर की गई कार्रवाई की सूचना संबंधित व्यक्ति काे दी जानी भी जरूरी है। जिस शिकायत पर लंबा समय लगना होता है, उसकी सूचना भी संबंधित व्यक्ति को देना जरूरी है।
'पिछले कई दिन से शिकायतें आ रही थी कि निगम में जनता की कोई सुनवाई नहीं है। इसके चलते मैंने निगम का औचक निरीक्षण किया था। इसमें शिकायत रजिस्टर में शिकायतों को डिस्पोजल नहीं किया गया था और न ही किसी के उस पर हस्ताक्षर हुए थे। निगम सीएम का विभाग है। इसलिए मैंने रजिस्टर सील करके सीएम को भेज दिए हैं।' अनिल विज, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा।