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अभी तो हिरासत से छूटकर पहुंचे ही थे गांव और हुआ कुछ ऐसा कि फिर हुए गिरफ्तार

8 वर्ष पहले
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गोहाना. भारतीय किसान यूनियन के कुछ कार्यकर्ता गुरुवार को गांव रुखी में किसान महापंचायत स्थल पर पहुंचे। वहां पर तैनात पुलिस ने स्थल पर पहुंचे नौ किसानों को पकड़कर बस में बैठा लिया और उन्हें अपने साथ ले गई। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे टेंटों को भी हटा दिया। किसान नेताओं की गिरफ्तारी से किसानों में भारी रोष है।

भाकियू की हरियाणा इकाई द्वारा गांव रुखी में गेहूं की फसल पर बोनस व खराब फसल पर मुआवजा देने की मांग को लेकर किसान महापंचायत की गई थी। भाकियू की हरियाणा इकाई द्वारा गेहूं की फसल पर 300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने और ओलावृष्टि व बारिश से तबाह हुई फसल पर 25 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रही है।

महापंचायत के आयोजन के बाद किसान गांव रुखी से रोहतक में मुख्यमंत्री के आवास के घेराव को लेकर कूच कर गए। रोहतक के नजदीक से पुलिस ने काफी किसानों को गिरफ्तार कर लिया। गांव रुखी में जिस जगह महापंचायत हुई थी वहां से टैंट को पूरी तरह से हटाया नहीं गया था।

बैठक की थी तैयारी

गुरुवार को भाकियू गोहाना इकाई के अध्यक्ष सत्यवान नरवाल, सुभाष पंवार व अन्य महापंचायत स्थल पर पहुंचकर बैठक करने लगे। इसी दौरान पुलिस की टीम वहां पहुंची और किसानों को एक गाड़ी में बैठाकर ले गई। टैंट को हटवा दिया। बरोदा थाना के प्रभारी कुलदीप देशवाल ने कहा कि शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए टैंट को हटवाया गया है। गांव रुखी और उसके आसपास के क्षेत्र में किसान एकत्रित होकर कहीं जाम न लगा दें, इसके चलते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सतर्कता बरत रहे हैं।

ये लिए हिरासत में

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं में भाकियू के गोहाना के अध्यक्ष सत्यवान नरवाल, कर्मसिह, सुभाष देवीनगर, जगबीर, राजबीर, ईश्वर व कृष्ण छिछड़ाना, राकेश, बलकार आदि कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार किया गया है। बरोदा थाना के प्रभारी कुलदीप देशवाल ने बताया कि इन सभी को शांति भंग करने व कानून व्यवस्था को देखते हुए गिरफ्तार किया है।

गोहाना. गांव रूखी में किसानों के धरनास्थल से टेंट और अन्य सामान को हटाते पुलिसकर्मी।