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डाउनलोड करेंअम्बाला. सिखों के धर्मग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ करने व क्षति पहुंचा कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के एक मामले में बाबा प्यारा सिंह भनियारा वाला को दोषी करार दिया है।
अम्बाला के सीजेएम एके जैन की कोर्ट ने शुक्रवार को उनके साथ-साथ 7 अन्य लोगों को दोषी ठहराया है। जबकि इसी मामले के पांच अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। सभी दोषियों को सोमवार 13 मई को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में आरोपी दो लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक बड़ी संख्या में सुबह से ही कोर्ट में पहुंच गए थे। दोषी ठहराये जाने के बाद सभी दोषियों को अम्बाला सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
17 दिसंबर 2001 को गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़
यह मामला वर्ष 2001 से चला आ रहा था। 17 सितंबर 2001 को पंजाब के मोरिंडा जिले के रतनगढ़ गांव के गुरुद्वारे से श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप चोरी कर अंग-भंग कर दिया था। गांव के सरपंच मेजर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बाबा प्यारा सिंह भनियारा वाला और उनके डेरे के अनुयायियों को आरोपी बताया था।
2002 में अम्बाला कोर्ट में आया मामला
यह मामला लगभग एक साल तक पटियाला की कोर्ट में चला, लेकिन उसके बाद बाबा प्यारा सिंह ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई अम्बाला में कराए जाने की अपील की। बाबा की अपील पर हाइकोर्ट ने इस मामले को सितंबर 2002 में अंबाला कोर्ट में स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे।
भनियारा वाला पर अंबाला कोर्ट में इसी से जुड़े कई अन्य मामले भी चले, लेकिन उन्हें कोर्ट ने कुछ में मामलों में पहले ही बरी कर दिया था। इस मामले में शिकायतकर्ता सरपंच समेत, गुरुद्वारे के जत्थेदार त्रिलोचन सिंह, पुलिसकर्मियों व स्थानीय लोगों सहित 22 लोगों की गवाही हुई है।
वर्ल्ड सिख मिशन ने जताई खुशी
सीजेएम कोर्ट से इस फैसले के आने के बाद वल्र्ड सिख मिशन के सदस्यों ने प्रसन्नता जाहिर की है। मिशन के अध्यक्ष जत्थेदार नरेंद्र सिंह हरनौली, महासचिव तीर्थ सिंह, केसगढ़ साहिब आनंदपुर टास्क फोर्स के सदस्य कुलवंत सिंह, गुरमुख सिंह, स्वरूप सिंह ओलख, बलजीत सिंह सुखविंद्र गुलाली, रणदीप सिंह, एसजीपीसी सदस्य हरपाल सिंह पाली, रणबीर सिंह फौजी ने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनकी भावनाओं के अनुरूप है इस फैसले से उनमें खुशी है। उन्होंने कहा कि जो लोग धार्मिक अंधविश्वास फैला रहे हैं उन्हें इस फैसले के बाद सबक मिला है।
ये दोषी करार
मामले में प्यारा सिंह भनियारा वाला, सुरमुख, भूपेंद्र, जसविंद्र, हरजीत, हरजिंदर, अशोक व सुरजीत को दोषी करार दिया।
ये किए बरी
पंजाब के इस बहुचर्चित मामले में आरोपी बनाए गए बलविंद्र, प्रीतम, साधू, करनैल व सतनाम को कोर्ट ने बरी कर दिया गया है।
कोर्ट ने अभी सिर्फ दोषी करार दिया है, सजा नहीं सुनाई है। इस मामले लेकर हम फैसले का अध्ययन करेंगे और उसके बाद अपील दायर करेंगे।
- एडवोकेट जसपाल सिंह, बचाव पक्ष के वकील
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