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भू-माफिया कुछ हजार देकर करोड़ों की जमीन के बन गए मालिक

6 वर्ष पहले
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अम्बाला। करधान की 115 एकड़ शामलात जमीन घोटाले के तार भू-माफियाओं के साथ-साथ रसूखदारों के भी जुड़े हैं। उन्होंने बहुत ही चालाकी से उप तहसील के साथ मिलकर कुछ हजार रुपए देकर करोड़ों की जमीन पर कब्जा कर लिया है। जमीन के असली मालिकों को इसकी भनक नहीं है कि उनकी जमीन कहां है और कितनी है। उन्हें कुछ हजार रुपए देकर भू-माफियाओं ने शांत करा दिया है। आलम यह है कि उन्हें भी धमकाया जा रहा है कि वे चुप रहे नहीं तो उन्हें रुपए वापस करने पड़ेंगे।
डीसी मनदीप बराड़ ने भास्कर से बात करते हुए बताया कि इसमें संलिप्त दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार तहसीलों से भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए वचनबद्ध है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार कर रहा है तो नहीं छोड़ा जाएगा।

बता दें कि कैंट के भू-माफिया करधान की शामलाती जमीन पर नजर रखे हुए हैं और वे इसमें कामयाब भी हो गए हैं। कैंट उप तहसील के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए भू-माफियाओं ने ढाई लाख प्रति एकड़ के हिसाब से सुविधा शुल्क भी दिया है। खबर छपने के बाद से उप तहसील में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि कैंट की उप तहसील पहली बार विवादों में आई हो। इससे पूर्व 3 अक्टूबर 2013 में भी हेराफेरी को देखते हुए तात्कालीन डीसी केएम पाडुरंग ने सीटीएम को यहां छापा मारने को कहा था। उस दौरान भी यहां अनियमितताएं सामने आई थीं। मौके पर रजिस्ट्रियां करने की तैयारियां चल रही थी। सीटीएम को आता देख वे मौके से फरार हो गए थे। इसकी शिकायत डीसी ने लिखित में की थी।
जमीन की फर्दों में हेराफेरी कर रजिस्ट्री कराई
इस जमीन पर भू-माफिया अपना खेल न कर सकें इसके लिए पूर्व के एक डीसी ने जमीन की रजिस्ट्री न करने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने के लिए जमीन की फर्दों में हेराफेरी की गई। अम्बाला कैंट उप तहसील में इस शामलात जमीन की लगभग 25 रजिस्ट्रियां हुई हैं और इसमें कई अधिकारियों की संलिप्ता है। जमीन की रजिस्ट्री भू-माफियाओं और उनके रिश्तेदारों के नाम की गई हैं और उन्होंने इसका कब्जा भी ले लिया है। भू-माफिया इस जमीन की 2013 में रजिस्ट्री कराना चाहते थे लेकिन डीसी के संज्ञान में आने के बाद वे ऐसा नहीं कर पाए। अब ये रजिस्ट्रियां कैसे हो गईं और उप तहसील में ये किसकी मेहरबानी से हुई हैं यह जांच का विषय है। तहसील से मिली जानकारी के अनुसार जमीन की छह-छह एकड़ में रजिस्ट्री की गई है।