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शिअद-भाजपा ने खोला कांग्रेस विरोधी मोचा, नया रूप ले रही राजनैतिक जंग

8 वर्ष पहले
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फिरोजपुर. पिछले चार दिन से कांग्रेसी व अकाली नेताओं के बीच चल रही राजनैतिक जंग चर्म सीमा पर है। इस जंग में पंजाब भाजपा भी कूद पड़ी है। शनिवार को जहां अकाली-भाजपा के सीनियर नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन कर कांग्रेसियों पर गंभीर आरोप लगाए वहीं कांग्रेसियों ने भी पूरा मामला केन्द्र में ले जाने की धमकी दी है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा व शिरोमणि अकाली दल बादल के गुरुहरसहाय इंचार्ज वरदेव सिंह मान, विस क्षेत्र फिरोजपुर देहाती से विधायक जोगिन्द्र सिंह जिन्दू ने आरोप लगाए कि गुरुहरसहाय के कांग्रेसी विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढी ब्लॉक समिति एवं जिला परिषद चुनाव से भागने के लिए गोली चलने जैसी झूठी योजनाएं बना रहे हैं।

वरदेव मान ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 7 मई को गांव चपाती में राणा सोढी के काफिले से उनके काफिले का सामना हुआ। सड़क तंग थी, दोनों के वर्कर नारेबाजी करने लगे। राणा कार से बाहर आए, मैं भी कार से बाहर आया। मैंने उनको सम्मानजनक ढंग से गाड़ी तक छोड़ा और चले जाने के लिए कहा। इस दौरान वहां कोई गोली नहीं चली, इतना जरूर है कि वर्करों में कहासुनी अवश्य हुई है।

मान परिवार ने पंजाब सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि गोली चलने की झूठी बात कहकर सरकार व प्रशासन को गुमराह करने वाले विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढी व उनके पीए नसीब सिंह संधू सहित उन तमाम लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने इस प्रकरण में साजिश रची है। वरदेव सिंह मान ने कहा कि नसीब सिंह संधू को किसी ने गोली नहीं मारी बल्कि एसआईटी की जांच और मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हो गया है कि गोली टांग में प्लांट की गई है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेसी सच्चे हैं तो नसीब सिंह अस्पताल से फरार क्यों हो गया।

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी झूठी साजिश का शिकार हो गए। बिना जांच किए वह विधायक राणा सोढी द्वारा बनाई गई झूठी प्लानिंग में आकर फंस गए और यहां धरने प्रदर्शन करने लगे जबकि बाजवा को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए इस पूरे मामले की पहले जांच करवानी चाहिए थी। कमल शर्मा व वरदेव सिंह मान ने कहा कि हम सरकार चला रहे हैं। हम चाहते हैं कि राज्य का माहौल शांत रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल और उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र शैली की भी आलोचना की।

इस अवसर पर मोंटू वोहरा, अश्विनी मेहता, अश्विनी ग्रोवर, बचितर सिंह, गुरसेवक सिंह कैश मान, अश्विनी गुप्ता सहित कई अकाली भाजपा नेता व वर्कर शामिल थे।