अम्बाला सिटी | स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस के दलाल हरविंद्र सिंह पिंकी को एक लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथ काबू किया है। पकड़े जाने के तुरंत बाद ही दलाल ने यह कबूल किया कि उसने यमुनानगर सीआईए-2 के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार के कहने पर एक लाख रुपए लिए हैं।
इसी आधार पर विजिलेंस ने पिंकी के साथ एसआई नरेश कुमार के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। नरेश कुमार अंडरग्राउंड हो गया। पिंकी को 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है।
ट्रक चोरी के मामले में मांगी 4 लाख की घूस
शहर के सेठी इनक्लेव के हाउस नंबर 48 में रहने वाले जसपाल सिंह उर्फ बिट्टू ने बुधवार को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय पर शिकायत दी थी। उसने बताया कि 21 नवम्बर 2014 को यमुनानगर सीआईए-2 के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने उसके खिलाफ ट्रक चोरी का मामला दर्ज किया था। बाद में उसे छोड़ने के लिए दस लाख रुपए मांगे गए। बातचीत के बाद चार लाख रुपए में सेटलमेंट हो गई थी। सब इंस्पेक्टर ने कहा कि जग्गी कॉलोनी का पिंकी उससे एक लाख रुपए लेने आएगा।
पहला कारनामा:क में मिला दिया सम्मान
अम्बाला में पोस्टिंग के दौरान नरेश कुमार ने तीन ब्लाइंड मर्डर केसों की गुत्थी सुलझाई थी। साल-2010 में एसपी भारती अरोड़ा ने नरेश कुमार को ऑन प्रमोशन रैंक देने की सिफारिश उस समय पुलिस महानिदेशक से की थी। कुछ समय बाद स्वयं भारती अरोड़ा ने ही नरेश कुमार के कंधों पर सब इंस्पेक्टर के स्टार सजाए थे। हालांकि बाद में हत्या के सिलसिले में पकड़े गए आरोपी पुख्ता सबूत न होने के कारण बरी हो गए।
अफीम पकड़ी ज्यादा दिखाई कम
बाद में पड़ाव थाने से नरेश कुमार को डिटेक्टिव स्टाफ का प्रभारी लगा दिया गया। एक बार तो ट्रक चोरी के मामले में पूर्व आतंकवादी को भी पकड़ने का दावा किया गया था। तभी अफीम तस्करी के एक केस में नरेश कुमार आफत में फंस गए। एक मामले में नरेश पर कम अफीम दिखाने का आरोप लगा जिसके बाद उसे लाइनहाजिर कर दिया गया। इसी वजह से उसकी ट्रांसफर अम्बाला से बाहर कर दी गई।