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सिटी सरकार : निगम एक्ट से अनजान हैं कई पार्षद, पहली बैठक 9 सितंबर को पंचायत भवन में

8 वर्ष पहले
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अम्बाला सिटी. सिटी सरकार की पहली बैठक 9 सितंबर को होगी। यह वह बैठक है जिसमें शहर से जुड़े मुद्दों पर पार्षद गरजेंगे और बरसेंगे। 18 मुद्दों वाला एजेंडा तैयार हो गया है। कुछ पार्षद ऐसे हैं जिन्होंने नगर निगम एक्ट पढ़ लिया है। कुछ ऐसे हैं जो एक्ट से अनजान हैं। नगर निगम की माली हालत कमजोर है। ऐसी स्थिति में शहर को बहस, शोर-शराबा, भरोसा और दिखावे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। यदि सरकार से अनुदान मिल गया तो यह सिटी सरकार की यह पहली सफलता होगी।

कांग्रेस के लिए सदन की पहली बैठक प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। कारण यह है कि सदन में 16 पार्षद कांग्रेस समर्थित हैं, जबकि 4 भाजपा से हैं। जाहिर है कि मुद्दा गले न उतरने पर भाजपा के 4 पार्षद ही बैठक को हंगामाखेज़ बना देंगे। मेयर और उनके साथियों ने एजेंडा तैयार करने में काफी माथापच्ची की है। कोशिश यही है कि शहर को कुछ मिल जाए, लेकिन ऐसा संभव प्रतीत नहीं होता। एजेंडे में साफ तौर पर यह नहीं बताया गया है कि मुद्दे किन किन इलाकों के हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के ही कई पार्षद अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उबल सकते हैं।


अगर बैठक में उनके वार्डांे के कार्यांे को एजेंडे में शामिल नहीं किया गया तो बैठक में हंगामा होने की पूरी संभावना है। चुनाव में जीते भाजपा पार्षदों के काम जिला प्रशासन नहीं करा रहा है, इसलिए पार्षद अपने मुद्दे निगम की बैठक में जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं। मेयर रमेश मल का कहना है कि हमारी कोशिश यही रहेगी कि हम किसी एक वार्ड में नहीं पूरे शहर पर केंद्रित रहें।

सबसे ज्यादा चिंता स्लाटर हाउस की
शहर के मुद्दों को लेकर नगर निगम के जिम्मेदार अफसर और जन प्रतिनिधि कितने जागरूक हैं इसका उदाहरण एजेंडे से सामने आ गया है। जब सदन की बैठक होगी। तब पहला मुद्दा सीएमपी का होगा। इसके बाद स्लाटर हाउस पर बहस होगी। सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क व अन्य मुद्दे बाद में रखे गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह बैठक नगर निगम भवन में न होकर जिला पंचायत भवन में होगी। नगर निगम अपने लिए सभागार की व्यवस्था भी नहीं कर पाया है। जहां पार्षद बैठकर सदन चला सकें।


भास्कर ने तीन सवाल पूछे थे पार्षदों से

अम्बाला को नगर निगम का दर्जा मिला है। लिहाजा नगर निगम की यह पहली बैठक है। जिससे शहर के सभी लोगों को आस है। जो दो बैठकें हुई थीं, वह महापौर व उप महापौर के चुनाव वाली थी। यह बैठक अति महत्वपूर्ण है। दैनिक भास्कर ने सदन में शिरकत करने वाले पार्षदों से तीन सवाल पूछे थे। नंबर एक- सदन में आपकी भूमिका क्या रहेगी, नंबर दो- आप किन मुद्दों को उठाएंगे, नंबर तीन- आपने नगर निगम एक्ट पढ़ा है। आइए जानते हैं पार्षदों के सवालों के जवाब-

पार्षद सोनिया रानी, रमा सिंगला, रूपम गुगलानी, पवन अग्रवाल, हिम्मत सिंह, हरदीप कौर, बिट्टू चावला का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर नगर निगम एक्ट की व्यवस्था की। उसका अध्ययन भी किया है। इन पार्षदों ने कहा कि वह अपने क्षेत्र के मुद्दों को सदन में उठाएंगे। एजेंडे में स्पष्ट तौर पर यह नहीं लिखा गया है कि किस वार्ड में क्या होगा। इसलिए सफाई, सड़क, पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, बरसाती पानी की निकासी आदि मुद्दे छाए रहेंगे। इधर, हरीश शर्मा, दलजीत सिंह भाटिया, दर्शना मेहता, जरनैल सिंह, दुर्गा सिंह, जसबीर जस्सी, स्वर्ण कौर, चित्रा सरवारा, सुरेंद्र बिंद्रा, परविंद्र परी, सुधीर जायसवाल, ललिता प्रसाद ने नगर निगम एक्ट नहीं पढ़ा है। उन्हें पता नहीं कि एक्ट में क्या प्रावधान रखा गया है। एक्ट के बारे में जो थोड़ी बहुत जानकारी है। वह अन्य पार्षदों के आपस में मिलने से प्राप्त हुई है। सभी पार्षदों ने कहा कि सदन में उनकी भूमिका शहर के सचेतक की रहेगी।


यह एजेंडा बनाया है मेयर ने
पहली बैठक के लिए बनाया गया एजेंडा सचिव के हवाले से जारी हो गया है। एजेंडे पर मेयर ने पूरी मेहनत की है। इस एजेंडे में कंप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) को रखा गया है। प्लान के पास होने पर विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से अनुदान प्राप्त होगा। निगम में गांवों के शामिल होने से क्षेत्र बढ़ गया है इसलिए शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।

इसे सुधारने के लिए एजेंसी से सर्वे कराने के लिए बैठक में विचार-विमर्श कर एजेंडा पास कराया जाएगा ताकि ठेके पर सफाई कर्मचारियों को रखा जाए। इसके अलावा आधुनिक मशीनों का भी सफाई व्यवस्था के लिए प्रबंध किया जाएगा। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए इसे एजेंडे में शामिल किया गया है। बैठक में शहर में घूम रहे आवारा पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए ठेका दिया जाने का प्रावधान एजेंडे में रखा गया है। एजेंडा पास होने के बाद पशुओं के मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

डेयरियों को शहर से बाहर निकालने के लिए भी एजेंडे में इसे शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव के पारित होने पर डेयरी मालिक को नोटिस देने के बाद भी अगर डेयरी बाहर स्थानांतरित नहीं की गई तो डेयरी मालिकों को जुर्माना लगाया जाएगा। एजेंडे में सड़क और नालियों की मरम्मत, अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए रिक्त पदों की भर्ती, सुलभ शौचालय, बिजली के लटकते हुए तार, कुटीर उद्योग, स्वच्छ पेयजल, पौध रोपण, रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति, नगर निगम की शाखाओं में इंटर कॉम, शिकायत कक्ष की स्थापना, बरसाती पानी की निकासी आदि 18 मुद्दे शामिल किए गए हैं।