अम्बाला. 28 नवंबर को सर्विस रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या करने वाले एएसआई कर्ण सिंह के परिजनों ने अब मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दरबार में गुहार लगाई है। पुलिस के वरिष्ठ अफसरों की चौखटों से खाली हाथ लौट चुके परिजनों को अब मुख्यमंत्री ही आशा की किरण के रूप में दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को सुबह कर्ण सिंह के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर अजय सिंघल से मुलाकात कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने की वजह से वह चंडीगढ़ मुख्यमंत्री के दरबार में अपनी फरियाद देने के लिए रवाना हो गए। चंडीगढ़ में उन्होंने मुख्यमंत्री के ओएसडी एमएस चोपड़ा को कर्ण सिंह की पत्नी बाला देवी की ओर से मुख्यमंत्री के नाम लिखी शिकायत सौंपने की बात कही है।
पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के सामने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बाला देवी के भाई जगजीत सिंह ने बताया कि कर्ण सिंह को आत्महत्या किए हुए दो महीने हो चुके हैं। उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने वाले कुल ७ आरोपियों में से अभी तक दो आरोपियों गांव सीवन माजरा की महिला और गांव थंबड़ के अनिल राणा को ही गिरफ्तार कर पाई है। पुलिस किसी न किसी दबाव की वजह से आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। जगजीत ने कहा कि कर्ण सिंह का परिवार इस समय जबरदस्त तनाव में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दरबार से ही अब इंसाफ की उम्मीद है।
ये हैं पुलिस गिरफ्त से दूर
इंस्पेक्टर सुरेश कुमार उसकी पत्नी लेडी हेड कांस्टेबल संगीता, एएसआई जगमाल सिंह, पत्रकार अमित व आढ़ती मुकेश लूथरा।