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मिलीभगत कर करधान की 115 एकड़ जमीन की कराई रजिस्ट्री

6 वर्ष पहले
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(अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा)
अम्बाला। एक तरफ राज्य सरकार तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए नित नए नियम बना रही है, वहीं दूसरी ओर तहसील में मिलीभगत से करोड़ों रुपयों की जमीन में हेराफेरी की जा रही है। मामला करधान की 115 एकड़ शामलात जमीन का है।
इस जमीन पर भू माफियाओं की नजर है और आपसी साठगांठ के चलते इसकी रजिस्ट्री की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व के एक डीसी ने इस जमीन की रजिस्ट्री न करने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने के लिए जमीन की फर्दों में हेराफेरी की गई। वहीं डीसी मनदीप सिंह बराड़ का कहना है कि वे इसकी निष्पक्ष जांच करवाएंगे। अंबाला कैंट उप तहसील में इस शामलात जमीन की लगभग 25 रजिस्ट्रियां हुई हैं और इसमें कई अधिकारियों की संलिप्त है।

जमीन की रजिस्ट्री भू माफियाओं और उनके रिश्तेदारों के नाम की गई है और उन्होंने इसका कब्जा भी ले लिया है। भू माफिया इस जमीन की 2013 में रजिस्ट्री कराना चाहते थे, लेकिन डीसी अम्बाला के संज्ञान में आने के बाद वे ऐसा नहीं कर पाए। अब ये रजिस्ट्रियां कैसे हो गई और उप तहसील में ये किसकी मेहरबानी से हुई हैं यह जांच का विषय है। तहसील से मिली जानकारी के अनुसार जमीन की छह-छह एकड़ में रजिस्ट्री की गई है।

क्या होती है शामलात जमीन : 1959-60 में हुई किलेबंदी से पहले शामलात जमीन असल मालिकों के पास थी। इनका प्रयोग पंचायत के कार्यों जैसे स्कूल, जोहड़ आदि में होता था। बाद में जमीन को पंचायत की माना गया था। यह जमीन आठ प्रकार की होती हैं इनमें शामलात ठोला, शामलात पती, शामलात पाना, शामलात तर्फ, शामलात देह, शामलात जुमला मुस्तरका मालकान, शामलात हसब रसद जर खेवट हैं।
पहले भी विवादों में रही है उप तहसील
कैंट उप तहसील का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में हरियाणा सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए उप तहसील में पावर ऑफ अटार्नी की गई। यही नहीं यहां डीटीपी की अनुमति के बिना रातोंरात सैकड़ों रजिस्ट्रियां की गई। उस वक्त तात्कालीन डीसी केएम पांडुरंग ने गड़बड़झाला समझने के लिए सीटीएम को कैंट उप तहसील भेजा था और मौके पर रजिस्ट्रियां करने की तैयारियां चल रही थीं। सीटीएम को आता देख वे मौके से फरार हो गए थे। इसकी शिकायत डीसी ने लिखित में की थी।
मैंने एक साल पहले हुई जिले की सभी रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दे दिए। किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को नहीं सहा जाएगा और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा