चंडीगढ़। लोकसभा-विधानसभा चुनाव की हार के बाद चल रही अंदरूनी कलह के बीच पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को लंच के बहाने चंडीगढ़ में पार्टी नेतृत्व को अपना दमखम दिखाया। लंच का आयोजन ऐसे समय में किया गया था, जब पार्टी हाईकमान के निर्देश पर तयशुदा कार्यक्रम के तहत पार्टी मुख्यालय में प्रदेश सह प्रभारी आशा कुमारी, प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और विधायक दल की नेता किरण चौधरी प्रदेशस्तरीय नेताओं से फीडबैक ले रहे थे। लगातार कमजोर होती जा रही कांग्रेस को फिर से रिवाइव करने के लिए फीडबैक लिया जा रहा है। फीडबैक लेने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहेगा।
शक्ति प्रदर्शन नहीं : पूर्व सीएम
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लंच को शक्ति प्रदर्शन की संज्ञा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि शक्ति प्रदर्शन तो सड़कों पर लोगों के बीच होता है, खाने पर नहीं। वे मई में भाजपा सरकार के खिलाफ जनसंपर्क यात्रा करके शक्ति प्रदर्शन करेंगे। यहां तो सभी मित्रों, शुभचिंतकों, विधायकों, पीसीसी के पूर्व अध्यक्षों समेत सभी को बुलाया गया था। काफी लोगों ने यहां आकर उनका हौसला बढ़ाया है। प्रदेशाध्यक्ष तंवर को भी निमंत्रण भेजा गया था।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय दिखा सूना, हुड्डा की कोठी रही रौनक
रविवार को हुड्डा के सरकारी निवास पर जहां सुबह 10 बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, वहीं, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय दोपहर 12 बजे तक लगभग सूना रहा। ज्यादातर विधायक और नेताओं ने पहले हुड्डा के यहां हाजिरी दी, उसके बाद ही फीडबैक कार्यक्रम में शामिल होने पीसीसी कार्यालय गए। इस दौरान लंच कार्यक्रम में कई हुड्डा समर्थक यह कहते हुए साफ नजर आए कि हरियाणा में कांग्रेसी हुड्डा के ही साथ हैं। प्रदेश सह प्रभारी आशा कुमारी और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर भोज की राजनीति से दूर रहे। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी सुबह जल्दी ही भोज कार्यक्रम में शामिल होकर चली गई थीं। पूर्व संसदीय कार्यमंत्री रणदीप सुरजेवाला, पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल, पूर्व ट्रांसपोर्ट मंत्री आफताब अहमद समेत कई पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद और नेता यहां मौजूद रहे।
आने वालों की ऐसे लगी हाजिरी
लंच कार्यक्रम में आए ज्यादातर लोग हालांकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलकर जा रहे थे। फिर भी सुविधा की दृष्टि से गेट पर ही तीन बड़े बॉक्स रखवाए गए थे। पास ही खड़े तीन-चार युवक हर आगंतुक को एक स्लिप पकड़ा रहे थे। इस स्लिप में आगंतुक को अपना नाम-पता,
मोबाइल नंबर, पद, जिला और हलके की जानकारी लिखकर बॉक्स में डालनी थी। बताया जा रहा है कि इन स्लिपों के आधार पर सभी समर्थकों का डाटा-बेस तैयार किया जाएगा।