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डाउनलोड करेंशहजादपुर. जसविंद्र हत्याकांड का आरोपी सतनाम काफी शातिर था। उसने योजनाबद्ध तरीके से पहले जसविंद्र की हत्या की, फिर चुपचाप घर जाकर बैठ गया। हत्या के अगले दिन छह मई को परिवार व ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया तो वह इसमें भी शामिल हो गया। उसने प्रदर्शन में जमकर नारे लगाए, हत्याकांड का विरोध जताया, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की, प्रदर्शन में जमकर आंसू बहाए। और तो और पुलिस पर लापरवाही के आरोप जड़े।
पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर सतनाम को पकड़ा, जिसके बाद वारदात का पहलू शीशे की तरह साफ हो गया। दूसरी ओर जसविंद्र का परिवार अब भी यह यकीन नहीं कर पा रहा है कि जसविंद्र का रिश्तेदार सतनाम ही इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सीआईए ग्रामीण ने मामले में मंगलवार को सतनाम को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पहले गिरफ्तार किए अरोपी रिहा होंगे : बेरपुरा गांव के सरपंच के भतीजे जसविंद्र हत्याकांड में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ लगे केस वापस होंगे।
गौरतलब है कि पहले इस मामले में जसविंद्र के चचेरे भाई सलेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने सुदेश, रामकरण, बलराम, लता, परमजीत, हरभजन, जसबीर व राम सिंह सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिनमें से हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी सुदेश उर्फ गोल्डी, लता, राम करण, बलराम व राम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हत्याकांड मामले में पहले पकड़े गए आरोपियों की संलिप्तता नहीं पाई गई है जिस वजह से अब पुलिस इन पर दर्ज मामले वापस लेगी।
यह था मामला : पांच मई की रात ईंट भट्ठे पर काम करने वाला जसविंद्र अपने घर वापस लौट रहा था। गांव के पास खेतों में उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में परिवार के सदस्यों व अन्य ग्रामीणों ने छह मई को शहजादपुर में जाम लगा दिया था। इस दौरान अलग-अलग मार्ग जाम कर दिए गए थे व प्रदर्शनकारियों ने दो रोडवेज की बसें फूंक दी थी। दोपहर कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद जाम खोला गया था।
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