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पत्नी का खौफ, जान खतरे में होने के डर से अपने ही घर में आने से कतरा रहा परिवार

7 वर्ष पहले
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अम्बाला. सुखचैन को पत्नी से जान का खतरा है। उसके परिजनों ने भी ऐसी आशंका जताई है। तभी परिजनों ने पुलिस को शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की है। डीसीपी शहरी सुरेंद्र पाल सिंह को शिकायत देकर परिजनों ने कहा कि उनकी पुत्रवधू उनकी जान की दुश्मन बनी है। उधर पिछले सात दिन से सुखचैन की पत्नी कंवलजीत कौर घर के बाहर डेरा जमाए बैठी है। बरामदे में ही उसे रातें गुजारनी पड़ रही है। वह ससुरालियों पर जबरन घर से निकालने का आरोप लगा चुकी है। ससुरालिए घर को ताला लगाकर फरार चल रहे हैं।

प्रॉपर्टी के लालच में रची जा रही है साजिश
महेशनगर के अशोक नगर की रहने वाली कंवलजीत कौर का अपने ससुरालियों से घरेलू विवाद चल रहा है। कंवलजीत के पति सुखचैन सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग उनकी प्रापर्टी को हथियाना चाहते हैं। सुखचैन की मानें तो इकलौता बेटा होने की वजह से कंवलजीत के परिजनों की नजर उनकी संपत्ति पर है। सुखचैन ने बताया कि कंवलजीत कौर उसे अपने पास भी आने नहीं देती। वह बहाने बनाकर छोटी-छोटी बात पर लड़ती है। कई बार तो आत्महत्या करने तक की धमकी भी दे चुकी है। उन्होंने बताया कि हारकर उन्होंने महेशनगर थाने में कंवलजीत की हरकतें की शिकायत भी दी थी। बस इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग भड़क गए अौर उन्होंने पिता निशान सिंह और मां परमजीत कौर पर शिकायत वापिस लेने का दबाव बनाया।
बेटी में बसी हैं सांसें : सुखचैन
सुखचैन ने कहा कि जब उसकी पत्नी कंवलजीत गर्भवती थी तो उसने उस पर बच्चा गिरने का दबाव भी बनाया। वह बच्चे को पाल न पाने की बात कहती थी। 3 दिसम्बर 2009 को बेटी जेसिका पैदा हुई तो पूरे परिवार ने खुशियां मनाई। छोटी बच्ची रोती रहती थी परंतु कंवलजीत उसकी आेर कोई ध्यान नहीं देती थी। बीवी और बच्चे की देखभाल के लिए नौकरी भी छोड़ दी, लेकिन क्लेश से मुक्ति नहीं मिली। सुखचैन ने कहा कि उन्होंने तलाक लेने के लिए केस किया है। बेटी को कोर्ट से अपने पास रखने की इजाजत लेंगे। रुंधे गले से सुखचैन ने कहा कि बेटी में उनकी सांसें बसती हैं।