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गूगल बॉय के ख्वाब में आते हैं चांद-सितारे, बनना चाहते हैं एस्ट्रोनॉमर

7 वर्ष पहले
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अम्बाला. चांद-तारों को छूने की आशा... आसमानों पे उड़ने की आशा.. दिल है छोटा सा, छोटी सी आशा। जी हां पूरी दुनिया में अपनी अद्भुत प्रतिभा की वजह से चर्चा का केंद्र बना 6 साल 9 माह का नन्हा सा बालक कौटिल्य चांद-तारों को छूने की इच्छा रखता है और एस्ट्रोनॉमर (खगोलविद) बनना चाहता है। ताकि धरती पर बैठे-बैठे ही वह चांद-सितारों की गतिविधियों की गणना कर सके। उनके क्रिया-कलापों के बारे में पूरी दुनिया को नई थ्योरी दे सके। गुुरुवार को कौटिल्य पहली बार अम्बाला आया। एमएम यूनिवर्सिटी सद्दोपुर में भास्कर से विविध पहलुओं पर बातचीत की। साथ में उसकी मां सुमिता शर्मा, दोनों बहनें मृदुल व दीक्षा उसके साथी उसके साथी अंकुश सैनी, रजत तंवर, उसके शतरंज के गुरु कुलदीप शर्मा भी मौजूद थे।
मां सुमिता शर्मा ने बताया कि डेढ़ वर्ष की आयु में जब कौटिल्य ने बोलना सीखा तो उनसे और अपने पिता सतीश शर्मा से पहला सवाल किया। मां ये चांद कहां पर रहता है। सितारे किसके सहारे आसमान में टिके हैं। दिन में ये सब कहां चले जाते हैं। मैं एक दिन बड़ा होऊंगा तो इनके पास मिलने को जाऊंगा। माता-पिता दोनों उसकी छोटी उम्र और जिज्ञासा भरे सवालों पर अचंभित होते कि कौटिल्य के प्रश्न सामान्य बच्चों की तरह न होकर इतने गूढ़ क्यों हैं। जवाब उन्हेंं तब मिला जब कौटिल्य पहली कक्षा में पहुंचा।
हुआ यूं कि एसडी हरित माडर्न स्कूल में जब कौटिल्य पहली कक्षा में पढ़ रहा था तो समर सीजन में तीसरी से 10वीं कक्षा के बच्चों को एटलस तैयार करने के लिए दिया गया। किसी बच्चे ने ठीक से एटलस तैयार नहीं किया था। पिता से उसने एटलस के बारे में पूछा और उसके बाद कौटिल्य ने एरिया वाइज, जीडीपी, क्षेत्रफल, जनसंख्या, छोटे-बड़े देशों, लिंग के आधार पर पांच दिन में एटलस तैयार करके दे दिया। यह एटलस उसे पूरा कंठस्थ भी था। यह बात आग की तरह स्कूल से निकलकर गांव, कस्बे फिर जिले में फैल गई। फिर तो कौटिल्य पूरे देश के प्रिंट मीडिया से चैनलों तक चर्चा का विषय बन गया।
इन सवालों का यह जवाब दिया कौटिल्य ने

सवाल: केबीसी में अमिताभ बच्चन जैसी बिग सेलीब्रिटी से मिलने पर कैसा लगा।
जवाब: अच्छा लगा।
सवाल: अब जब खुद सेलीब्रिटी बन गए तो पढ़ाई के लिए कितना समय निकाल पाते हैं। खुद को कितना सहज पाते हैं ऐसी जिंदगी में।
जवाब: आधा घंटा, बाकी समय सुनता हूं बस याद हो जाता है। मैं आम बच्चों जैसा हूं। मेरा स्वाभाविक विकास हो रहा है।
सवाल: क्या बनना चाहते हैं।
जवाब: एस्ट्रोनॉमर, ताकि दुनिया को चांद-सितारों के बारे में कुछ नया बता सकूं।
सवाल: ढेर सारा पैसा हो तो क्या करना चाहेंगे
जवाब: नेपाल की और देश के गरीब बच्चों की मदद जो पढ़ने के बजाय पॉलीथिन बीनते हैं।
सवाल: कब दुखी होते हैं।
जवाब: जब सीमा पर सैनिक मरते हैं, देश में बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाएं आती है। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता है।
सवाल: प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी।
जवाब: बीजेपी की।

नरेंद्र मोदी की मां हीराबा बेन के हाथों के लड्डू खा चुका है कौटिल्य

24 दिसंबर 2007 को करनाल के घरौंडा कस्बे के कोहंड गांव में सतीश शर्मा व सुमिता शर्मा के घर में सोमवार के दिन सुबह 9:40 बजे पैदा हुआ कौटिल्य देश के कोने-कोने में अपने खास टैलेंट की वजह से 90 जगहों पर सम्मानित किया जा चुका है। कौटिल्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हिराबाबेन के हाथों से लड्डू खा चुका है। प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमभाई, पूर्व राष्ट्रपति वैज्ञानिक डॉ एपीजे कलाम, मिलेनियन स्टार अमिताभ बच्चन, अभिनेता गोविंदा, आमिर खान के अलावा दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल घर पर मिलकर मेहमानवाजी का लुत्फ उठा चुका व उनसे आशिर्वाद प्राप्त कर चुका हैं। प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 10 लाख की एफडी भेंट कर उसके शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की बात कह चुके हैं।
हरियाणा शतरंज एसो. के महासचिवको दी कौटिल्य ने मात
महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी सद्दोपुर अम्बाला में वीरवार से एचसीए की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय इंटर स्कूल व कॉलेज टीम शतरंज चैंपियनशिप शुरू हुई। पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले हुए। इनमें प्रदेश के नेशनल खिलाड़ियों नेे शानदार खेल का प्रदर्शन किया। चैंपियनशिप का शुभारंभ कौटिल्य ने किया। कौटिल्य ने कहा कि मैं एचसीए के बोर्ड पर शतरंज खेलना पसंद करता हूं। एचसीए के ही मार्गदर्शन में विश्व विजेता विश्वनाथ आनन्द के रिकॉर्ड तोडूंगा । मुझे शतरंज में राजा बहुत पसंद है। इस दौरान हुए मुकाबले में कौटिल्य ने एसो. के प्रदेश महासचिव कुलदीप शर्मा को मात दी।

एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, कैथल, जींद, फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद व सोनीपत सहित दर्जनभर जिलों के 100 खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का फाइनल शनिवार को खेला जाएगा। कार्यक्रम में पंचकूला के जिला पुलिस अधीक्षक अश्विन शेणवी आईपीएस बतौर मुख्य अतिथि विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। मौके पर कॉलेज प्रिंसिपल डा. मनप्रीत सिंह, सुभाष मलिक, रमेश कुमार, जिला सचिव अमित सिंह समेत आदि मौजूद रहे।