डीसी बोले- बाजारों से हटा दिया अतिक्रमण, बेदी बोले- ऐसा कुछ भी नहिं हुआ

8 वर्ष पहले
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अम्बाला। कैंट के शेष बाजारों से अतिक्रमण फिर हटेगा। यह बेदी पर निर्भर है। प्रशासन तो कह चुका है कि अतिक्रमण हटाने का काम पूरा हो चुका है। कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश की गई। मगर बेदी ने दलील दी कि बाजारों में अभी अतिक्रमण बरकरार है। इस पर हाईकोर्ट ने बेदी को शपथपत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

उधर, हाईकोर्ट ने दुकानदारों की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया गया था। फिलहाल मामले की सुनवाई 23 मई तक स्थगित हो गई है। इससे दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान डीसी डॉ. साकेत कुमार के साथ यहां डीसी रहे शेखर विद्यार्थी, एडीसी मुकेश आहुजा, कार्यकारी अधिकारी रोहताश बिश्नोई व केके यादव भी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में मौजूद रहे।

हटा दिए गए बाजार से कब्जे: कैंट के बाजारों से अतिक्रमण हटाने को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई में प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि माननीय हाईकोर्ट के आदेश पर बाजारों से अतिक्रमण हटा दिया गया है।

अफसरों ने यह कहा कि कब्जे हटाने का काम पूरा हो चुका है। दुकानदारों को भी सचेत कर दिया गया है कि अगर दोबारा किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निगम अफसरों को भी दुकानदारों की हरकत पर नजर रखने की हिदायत देने का जिक्र किया गया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का पूरा वीडियो व फोटोग्राफ हाईकोर्ट के सामने पेश किए गए। प्रशासन की इन दलीलों पर याचिका दायर करने वाले एसकेएस बेदी ने कड़ा ऐतराज जताया। वे बोले- बाजारों में अभी भी अतिक्रमण है। कार्रवाई सही ढंग से नहीं हो पाई है। अभी कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। इस पर अदालत ने बेदी को शपथपत्र दायर करने के आदेश दिए। साथ ही अदालत ने सुनवाई भी टालने की बात कही।

डीसी तैयार करें मास्टर प्लान

कब्जे हटाने की कार्रवाई से गुस्साए सदर बाजार, बजाजा बाजार व सब्जी मंडी मार्केट के कई दुकानदार भी शुक्रवार को मामले की सुनवाई में शामिल हुए। इन दुकानदारों ने अपने वकील के जरिए एक याचिका भी दायर की, उसमें कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया गया। साथ ही नाले से उपज रही समस्याओं का जिक्र किया। दुकानदारों ने कहा कि दुकानों से आगे से निकल रहा नाला उनके कारोबार को चौपट कर रहा है। इस पर अदालत ने दुकानदारों को लोहे का जंगला रखने की नसीहत दी। साथ ही डीसी को मास्टर प्लान तैयार करने के आदेश भी दिए।

अतिक्रमण किया तो कार्रवाई

डीसी डॉ. साकेत कुमार ने नगर निगम एरिया के सभी दुकानदारों को ये आदेश दिए कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा न करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने ऐसा किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह बात भी कही कि अतिक्रमण करने वाले से ही पूरा खर्च वसूला जाएगा। इस सिलसिले में निगम अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है। डीसी ने निगम के अफसरों से कहा कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने वाले दुकानदारों पर नजर रखें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। अगर किसी ने लापरवाही बरती तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा।

हमें अभी आदेश नहीं हुए

-हम बाजारों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर चुके हैं। यही बात हाईकोर्ट को भी बताई गई। कार्रवाई से जुड़ी वीडियो व फोटोग्राफ भी दिखाए गए। आदेशानुसार हम अपना काम पूरा कर चुके हैं। बेदी को कार्रवाई पर ऐतराज है, उन्हें हाईकोर्ट ने शपथपत्र देने के आदेश दिए हैं। फिलहाल तो सुनवाई 23 मई तक टल गई है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। अभी तो हमें किसी तरह के आदेश नहीं हुए हैं। इस स्थिति में तो उन दुकानदारों को भी कुछ दिन की मोहलत मिल गई है जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रखा है। -डॉक्टर साकेत कुमार, डीसी, अम्बाला।