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एटीएम में तोड़फोड़, बैंक मैनेजर शिकायत देने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हीं पर ठोका केस

6 वर्ष पहले
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अम्बाला। कहते हैं कि सिर मुंडाते ही ओले पड़ गए। कुछ ऐसा ही हुआ राय मार्केट के यूको बैंक के मैनेजर के साथ। कुछ दिन पहले ही उन्होंने बैंक मैनेजर का पद संभाला था। रविवार रात ब्रह्मकुमारी चौक पर लगे एटीएम में चोरी की नीयत से घुसे चोरों ने तोड़फोड़ कर दी थी। वह मंगलवार को एटीएम में तोड़फोड़ की शिकायत कराने महेश नगर थाने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि पुलिस उनके खिलाफ ही सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का मामला दर्ज कर लेगी।

ब्रह्मकुमारी चौक पर यूको बैंक का एटीएम है। इस एटीएम पर बैंक ने सुरक्षा गार्ड तैनात किया था। उसे बैंक ने एक फरवरी को हटा दिया था। एक सप्ताह से एटीएम रात को भी खुला रहता था। चोरों की निगाह इस एटीएम पर पड़ी। चोर एटीएम में रात को घुसे। उन्होंने इसे तोड़ने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सके। उन्होंने एटीएम की स्क्रीन ही तोड़ी थी। इसके बाद चोर वहां से फरार हो गए थे।
उनके स्क्रीन तोड़ने की रिकार्डिंग सीसीटीवी में रिकार्ड हो गई थी। बैंक मैनेजर ने सोचा था कि सीसीटीवी की रिकार्डिंग के साथ वह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा देंगे। जब वह महेश नगर थाने पहुंचे तो उन्होंने सारी बात पुलिस को बताई। मामला गंभीर था। पुलिस भी सतर्क थी। पुलिस ने पूरी बात मैनेजर से पूछी। मैनेजर ने जब कहा कि गार्ड नहीं था तो वह फंस गए। पुलिस ने कड़ा संज्ञान लेते हुए बैंक मैनेजर पर कार्रवाई कर दी।
यह थे डीसीपी के निर्देश

प्रदेशभर में एटीएम टूटने की घटनाओं के बाद कुछ माह पहले डीसीपी सुरेंद्र पाल ने सभी बैंकों के लिए गाइड लाइन जारी की थी। उन्होंने सभी बैंक मैनेजर को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह बैंक तथा एटीएम में सुरक्षा गार्ड तैनात करें। साथ ही दोनों जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि कोई अप्रिय घटना हो तो उसकी रिकार्डिंग की जा सके। उन्होंने ऐसा न करने पर सरकारी आदेशों की अवहेलना के तहत मामला दर्ज करने की बात भी कही थी। इसके बावजूद कई बैंकों ने एटीएम पर सुरक्षा गार्ड नहीं रखे।
सुरक्षा के लिहाज से एटीएम सुबह छह से रात दस बजे तक खुलें

सुरक्षा के लिहाज से डीसीपी ने सभी बैंकों को निर्देश दिए थे कि एटीएम सुबह छह से रात दस बजे तक खोले जाएं। इस दौरान एटीएम पर सुरक्षा गार्ड लगाने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन अभी भी कई बैंक बिना गार्ड के रात को एटीएम खुले रखते हैं। पुलिस ने सुरक्षा गार्डों को ट्रेनिंग भी दी थी।
^एटीएम व बैंकों में सुरक्षा गार्ड रखने का मामला बैंक अथाॅरिटी का होता है। इसमें बैंक मैनेजर का कोई रोल नहीं होता। यह फैसले उच्च स्तर पर लिए जाते हैं। बैंक मैनेजर के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया है, वह बनता नहीं है।
आरके छाबड़ा, चीफ डिस्ट्रक्ट मैनेजर, अम्बाला।
^एटीएम और बैंकों में और बाहर सुरक्षा मानकों के बारे में सभी बैंक कर्मचारी और अधिकारी जानते हैं। इसके बावजूद कोई सुरक्षा को खतरे में डाले तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। अिधकारी सुरक्षा के बंदोबस्त पूरे कर लें अन्यथा कार्रवाई होगी।
एसआई सुरेश कुमार, कार्यकारी एसएचओ, महेशनगर थाना।
32- जिले में राष्ट्रीकृत व प्राइवेट बैंक हैं।
260- बैंकों की जिले में कुल शाखाएं।
160- जिले में इस समय कुल एटीएम।