पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नौकरी मिली नहीं, एचटेट मान्यता हो रही खत्म, हजारों युवक-युवतियां होंगे प्रभावित

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जींद. 2008 में कड़ी मेहनत कर राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा पास कर सरकारी स्कूलों में टीचर/ लेक्चरर बनने का सपना संजोने वाले बेरोजगार युवाओं को अब जोर का झटका लगेगा क्योंकि पांच माह बाद पांच साल होने पर उनकी पात्रता की वैलिडिटी ही खत्म हो जाएगी।

सबसे ज्यादा संकट तो पीजीटी पात्रों के लिए होगा, क्योंकि सरकार व बोर्ड द्वारा पीजीटी पात्रता परीक्षा की शर्तो में बहुत बदलाव कर दिया है। इससे प्रदेशभर के हजारों युवक-युवतियां शिक्षक बनने से वंचित रह जाएंगे।हरियाणा सरकार द्वारा शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा शुरू करने का निर्णय लिया था और वर्ष 2008 में पहली बार जेबीटी राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा कराई थी।

इसके बाद अगले वर्ष भी साल में दो बार यह परीक्षा कराई गई। इनमें कुल 84 हजार 864 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जिनमें से जेबीटी के 12726, टीजीटी के 18369 तथा पीजीटी 53769 परीक्षार्थी शामिल थे। सरकार द्वारा एचटेट परीक्षा की वैलिडिटी पांच वर्ष निर्धारित की हुई है। ऐसे में 2008 अक्टूबर में हुई परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्र अध्यापक शिक्षक भर्ती के लिए अक्टूबर माह तक ही आवेदन कर सकते हैं। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पिछले दिनों नई भर्ती पर लगाई रोक से अब इन पात्रों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

दोबारा कैसे पास करेंगे पात्रता पास

पहली बार ही अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले खासकर पीजीटी पात्र अध्यापकों की मेहनत पर पानी ही फिर जाएगा। क्योंकि पांच साल पूरे होने पर पात्रता की वैल्डिटी तो खत्म हो ही जाएगी और दोबारा से पोस्ट ग्रेज्युएशन के साथ बीएड होने की शर्त के कारण हजारों पात्र अपात्र बन जाएंगे। 2008 में पीजीटी पात्रता परीक्षा पास करने वाले पात्र अध्यापकों का कहना है कि अब वे कहीं के नहीं रहेंगे, क्योंकि सरकार द्वारा पात्रता परीक्षा पास को पांच साल तक ही मान्य माना है। अब एचटेट में पीजीटी परीक्षा देने के लिए पोस्ट ग्रेज्युएट के साथ बीएड पास होना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में उन्हें दो वर्ष का बीएड कोर्स करना होगा और उसके बाद ही वे परीक्षा में बैठ पाएंगे, ऐसा उनके लिए संभव नहीं है।

दोबारा नहीं होनी चाहिए जरूरत

पात्र अध्यापकों ने कहा कि जब नेशनल एलिजिबिटी टेस्ट नेट व स्टेट लेवल एलिजिबिल्टी टेस्ट स्लेट एक बार पास करने के बाद दूसरी बार देने की जरूरत नहीं पड़ती तो एचटेट में केवल पांच साल की वैधता किस लिए है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं के भविष्य को देखते हुए पुराने नियमों से परीक्षा कराने तथा पात्रता परीक्षा पास की वैलिडिटी की सीमा को हटाने की मांग की है।

सरकार द्वारा जो नियम बनाकर निर्देश दिए जाते हैं उन्हीं के अनुसार ही बोर्ड परीक्षा कराता है। बोर्ड सरकार की हिदायतों की पालना करते हुए परीक्षा संपन्न कराएगा।

डा. केसी भारद्वाज, चेयरमैन, शिक्षा बोर्ड हरियाणा।