नारायणगढ़ (अंबाला)। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से 81 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ग्रामीण ने तीन आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों में घोटाले का मास्टरमाइंड वकील नरेंद्र भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है।
पीएनबी में घोटाले का खेल: 2008 में नारायणगढ़ के पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ठगी हुई। इस मामले की भूमिका वकील नरेंद्र द्वारा तैयार की गई। इस खेल में बैंकों के कुछ अधिकारियों सहित दर्जनभर लोगों को शामिल किया गया था। क्षेत्र के गांव गदौली, आबूपुर कुराली, फतेहगढ़ व जटवाड़ सहित अन्य गांवों की फर्जी जमाबंदियां एक पटवारी द्वारा गैरकानूनी तरीके से काम पर रखे हुए गांव बहलौली निवासी संजीव कुमार की सहायता से तैयार की गई। यही नहीं आरोपियों ने फर्जी राशनकार्ड सहित अन्य दस्तावेज तैयार किए और पांच-पांच लाख रुपए की लिमिट दोनों बैंकों से बनवा ली थी। गांव लखनौरा निवासी अशोक कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, अशोक ने फर्जी दस्तावेजों पर लिमिट अपने नाम बनवाई थी।
रिकवरी न होने पर खुली पोल: मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक को दो साल तक रिकवरी नहीं मिली। पुलिस पहले ही पीएनबी के फील्ड ऑफिसर
कश्मीरी लाल, स्टेट बैंक के डिप्टी मैनेजर माम चंद, फील्ड ऑफिसर नागरा, भूड़माजरी निवासी पवन कुमार, नम्बरदार बनारसीदास को गिरफ्तार कर चुकी है।
(आरोपी पुलिस के कब्जे में)