कई जिलों में धारा 144 लागू है। सिनेमाघरों के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स की तीन कंपनियां बुलाई गई हैं। कैथल और भिवानी के कुछ सिनेमाघर मालिकों ने सुरक्षा के मद्देनजर फिल्म नहीं दिखाने का फैसला किया है। वहीं डीजीपी यशपाल सिंघल ने लोगों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। डेरा ने भी अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
इंटेलीजेंस विंग ने की जॉइंट मीटिंग
गुरुवार को पंजाब, हरियाणा व यूटी पुलिस की इंटेलीजेंस विंग ने जॉइंट मीटिंग की। इसमें इनफॉर्मेशन तुरंत शेयर करने पर बल दिया गया। ताकि एक जगह स्थिति बिगड़ने पर दूसरी जगह तुरंत पुख्ता इंतजाम किए जा सके। प्रदेश के डीजीपी के मुताबिक सिनेमाघरों से 200 मीटर की दूरी तक किसी को भी प्रदर्शन करने और भड़काऊ भाषण देने की इजाजत नहीं होगी। जलसे, जुलूस, धरना आदि के लिए पहले जिला पुलिस अधीक्षक या डीसी से अनुमति लेनी होगी।
नाम बदले के पीछे ये वजह तो नहीं
1. सिख संगठनों के विरोध के चलते गॉड शब्द को हटाया गया हो। बता दें कि सिख संगठनों का आरोप है कि जिस पर दुष्कर्म, हत्या के केस चल रहे हों, वह भगवान का दूत कैसे हो सकता है।
2. सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा था। हो सकता है कि डेरा प्रमुख ने खुद नाम बदलने की सिफारिश की हो।
3. हो सकता है कि फिल्म से कुछ सीन भी हटाए गए हों, लेकिन डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डॉ. आदित्य इंसां के मुताबिक फिल्म से कोई सीन नहीं हटाया गया है, केवल कुछ शब्द म्यूट किए गए हैं।
डेरा प्रमुख देखेंगे माही में एमएसजी
डेरा प्रमुख मुंबई में फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं। उनके गुरुवार शाम को सिरसा लौटने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार वे डेरा के माही सिनेमा में फिल्म देखेंगे। सिरसा ब्लाॅक के प्रधान कस्तूर इंसां ने बताया कि डीएसपी ने सुरक्षा का निरीक्षण कर लिया है। केवल उन्ही लोगों को सिनेमा के अंदर प्रवेश करने दिया जाएगा जिसके पास टिकट होगी।
सिनेमाघरों में करेंगे विरोध
हम सिनेमाघरों में फिल्म का विरोध करेंगे। सिखों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेरा श्रद्धालुओं ने भी यदि तैयारी की है, तो कोई बात नहीं। उन्हें सरकार ने हथियार दिए हैं।
-संत बलजीत सिंह दादूवाल, पंथक सेवा लहर प्रमुख
पंजाब की तरह लगे बैन
फिल्म पर पंजाब की तरह हरियाणा में भी बैन लगना चाहिए। फिल्म से तनाव उत्पन्न हो सकता है।
जगदीश सिंह झींडा, अध्यक्ष, एचएसजीपीसी
10 बजे से करेंगे प्रदर्शन
हम शुक्रवार को 10 बजे से प्रदेशभर में फिल्म के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। सभी वर्करों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिग्विजय सिंह चौटाला, अध्यक्ष, इनसो
विरोधी भी हुए सक्रिय
कुरुक्षेत्र में फिल्म रिलीज से पहले ही गुरुवार को विभिन्न संगठन इसके विरोध में उतर आए। इनसो ने सिनेमा मालिक को फिल्म न दिखाने को कहा। जिसे लेकर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत किया। उधर एचएसजीपीसी ने डेरा कार सेवा में मीटिंग बुलाकर अपनी रणनीति तय की। पंथक सेवा लहर के अध्यक्ष संत बलजीत सिंह दादूवाल, एचएसजीपीसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा व इनसो अध्यक्ष दििग्वजय चौटाला ने फिल्म का विरोध करने का ऐलान किया है।
कोर्ट में अर्जी, स्टे की मांग
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) ने गुरुवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर पाबंदी लगाने और इसकी रिलीज पर स्टे की मांग की। हालांकि हाईकोर्ट ने फिल्म पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया। लेकिन याचिका पर सुनवाई के लिए तीन मार्च की तारीख तय कर दी। बता दें कि फिल्म पर बैन की मांग को लेकर हाईकोर्ट में पहले से ही याचिका दायर की हुई है, लेकिन हाईकोर्ट ने फिल्म पर स्टे से मना कर दिया था।
फिल्म का नाम बदला तब मिला सर्टिफिकेट, सीक्वेल भी आएगा
डेरा प्रमुख की फिल्म का नाम पहले “एमएसजी : द मैसेंजर ऑफ गॉड’ था। विरोध के चलते फिल्म का प्रीमियर शो भी रद्द करना पड़ा था। कई बार रिलीज की तिथि बदली गई, लेकिन विरोध कम नहीं हुआ। इसे देखते हुए सेंसर बोर्ड ने अब इस फिल्म का नाम ‘एमएसजी : द मैसेंजर’ दिया है। इस फिल्म का सीक्वेल भी बनाया जाएगा। डेरा प्रवक्ता के मुताबिक इसकी 70 से 80 प्रतिशत शूटिंग हो चुकी है।
(फोटो- कुरुक्षेत्र में तनाव के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस अधिकारी।)