चंडीगढ़ . हरियाणा के ओलिंपियन मुक्केबाज और रेलवे में कार्यरत मनोज कुमार को उनका ही डिपार्टमेंट प्रमोशन के लिए दौड़ा रहा है।
2008 में नॉर्दर्न रेलवे (अम्बाला) में टिकट क्लेक्टर के पद पर ज्वाइन करने वाले मनोज की तीन प्रमोशन पेंडिग हैं, लेकिन रेलवे के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
यही नहीं पूर्व रेलवे मिनिस्टर ममता बनर्जी और मुकुल रॉय ने भी उनकी प्रमोशन की अनुशंसा कर दी थी, लेकिन अफसर ही फाइल आगे बढ़ाने में आनाकानी कर रहे हैं। रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के चेयरमैन एके वोहरा से 10 बार मिल चुके मनोज और उनके भाई की मानें तो दिलासे के अलावा अभी तक कुछ नहीं मिला।
चैंपियनशिप में लगातार जीते हैं तीन गोल्ड
मनोज कुमार ने 2008 से लेकर 2010 तक ऑल इंडिया रेलवे बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार तीन गोल्ड जीते हैं। नियमों के मुताबिक गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को प्रमोशन दी जाती हैं। इसके अलावा वह 5 साल की वरिष्ठता के आधार पर उनकी प्रमोशन बनती हैं। मनोज कुमार एक ओलिंपियन हैं और ऐसे में उन्हें रेलवे में ऊंचा पद मिलना चाहिए।