पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कश्मीरी छात्रों पर हमले से भड़के उमर अब्दुला बोले- संज्ञान ले केंद्र

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
यमुनानगर, चंडीगढ़। रादौर के ग्लोबल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में जम्मू-कश्मीर के छात्रों पर शनिवार को हुए हमले के मामले में अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला कूद गए। उन्होंने इसे घाटी के छात्रों के साथ भेदभाव का मामला करार देते हुए हरियाणा सरकार से जांच की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार को भी संज्ञान लेने का आग्रह किया।
इधर, मामला तूल पकड़ा देख खट्‌टर सरकार के गृह सचिव पीके महापात्रा ने डीजीपी से रिपोर्ट मांग ली है। उन्होंने कहा कि जो छात्र घाटी लौट गए हैं, उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया जाएगा। किसी के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। इस बीच, स्थानीय पुलिस ने कश्मीर के छात्रों का आपसी विवाद करार दे दिया। पुलिस ने जम्मू और कश्मीर के छात्रों के खिलाफ ही क्रास केस दर्ज कर लिया।
पहले मारपीट और अब पुलिस की कार्रवाई से डरे 40 छात्र सोमवार को जम्मू-कश्मीर लौट गए। 50 छात्र रविवार को ही चले गए थे। इस हालात पर यमुनानगर एसपी वेदप्रकाश का टका सा जवाब आया-‘कोई जा रहा है तो हम क्या करें। कश्मीरी युवक आपस में लड़े थे। किसी बाहर ने उन पर हमला नहीं किया।’
"रूम मेट का झगड़ा दे दिया सांप्रदायिक रंग'
संस्थान की डायरेक्टर चंचल भारद्वाज का दावा है कि झगड़ा रूम मेट के बीच हुआ था, लेकिन कुछ युवकों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। सोशल मीडिया का यूज कर तूल दे दिया। छात्रों की मर्जी से यमुनानगर प्रशासन कुछ छात्रों को जम्मू कश्मीर छोड़ने गया है। जो छात्र घर गए हैं, उनकी परीक्षा 18 दिसंबर के बाद होगी। कॉलेज में जेएंडके के 207 छात्र हैं।
हमसे रखते हैं रंजिश

जम्मू-कश्मीर के पीड़ित छात्र अजहरूद्दीन ने बताया कि बाहर के लोग भी इस हमले में शामिल थे। हमेशा ही उनसे स्थानीय लोग रंजिश रखते हैं। घटना वाले दिन भी बाहरी युवकों ने उन्हें पीटा। अजहरुद्दीन का कहना है कि हम तो पहले ही यहां डर डरकर रहे हैं। हम आपस में क्यों लड़ेंगे।