पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एसआई के लिए एक लाख की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया दलाल

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
> नरेश की पकड़ी ब्राउन शुगर जांच में निकली थी मीठा सोडा
> तीन ब्लाइंड मर्डर केसों की गुत्थी सुलझाने पर मिला था ओआरपी रैंक
अम्बाला सिटी | स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस के दलाल हरविंद्र सिंह पिंकी को एक लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों काबू किया है। पकड़े जाने के तुरंत बाद ही दलाल ने यह कबूल लिया कि यमुनानगर सीआईए-2 के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार के कहने पर उसने एक लाख रुपए लिए हैं। इसी आधार पर विजिलेंस ने पिंकी के साथ एसआई नरेश कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। उधर, पिंकी के पकड़े जाने की भनक लगते ही नरेश कुमार अंडरग्राउंड हो गया। उसे पकड़ने के लिए विजिलेंस ने कई जगह रेड भी की है। मामले की पोल खोलने के लिए आरोपी को 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है।

छोड़ने के मांगे थे दस लाख: शहर के सेठी एनक्लेव के हाउस नंबर 48 में रहने वाले जसपाल सिंह उर्फ बिट्टू ने बुधवार को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय पर एक शिकायत दी थी। उसने बताया कि 21 नवंबर 2014 को यमुनानगर सीआईए-2 के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने उसके खिलाफ ट्रक चोरी का मामला दर्ज किया था। जसपाल ने बताया कि इस केस में उसे पूछताछ के लिए भी तलब किया था।

बाद में उसे छोड़ने के लिए दस लाख रुपए मांगे गए। चार लाख में सेटलमेंट हो गई थी। बुधवार को जसपाल ने एक लाख रुपए देने की बात कही। जसपाल ने विजिलेंस को बताया कि सब इंस्पेक्टर नरेश के कहने पर जग्गी कॉलोनी के हाउस नं. 144 में रहने वाला हरविंद्र सिंह पिंकी उससे एक लाख रुपए लेने आएगा। उसे रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई गई। इंस्पेक्टर शमशेर सिंह को पूरी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। बुधवार रात को हरविंद्र सिंह एक लाख रुपए लेने के लिए जसपाल के पास आया। तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से एक लाख रुपए भी जब्त किए गए।
अम्बाला में हुई थी फजीहत
सुर्खियों में रहने के लिए सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने छोटे मामलों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया। इसी वजह से वे मीडिया में छाए रहे। सब इंस्पेक्टर बनने के बाद एसपी भारती अरोड़ा ने बाद में नरेश कुमार को पड़ाव थाने की कमान दी थी। यहां भी नंबर का खेल जारी रहा। उस समय नरेश ने कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स को ब्राउन शुगर की खेप के साथ पकड़ने का दावा किया था। इस मामले में नरेश को खूब वाहवाही मिली। मगर मामले की पोल तब खुली जब जांच में ब्राउन शुगर मीठा सोडा निकली। तब नरेश के साथ अम्बाला पुलिस की खूब फजीहत हुई। बाद में कॉलेज स्टूडेंट्स को रिहा करना पड़ा था।
अफीम पकड़ी थी ज्यादा, दिखाई कम

बेशक ब्राउन शुगर जांच में मीठा सोडा निकली। पड़ाव थाने से नरेश कुमार को डिटेक्टिव स्टाफ का प्रभारी लगा दिया गया। यहां भी उन्होंने कई मामले पकड़े। कभी फर्जी नंबरप्लेट लगाकर मोटरसाइकिल चोर गिरोह को पकड़ा तो कभी ट्रांसफार्मर चोर गिरोह को काबू करने का दावा किया। एक बार तो ट्रक चोरी के मामले में पूर्व आतंकवादी को भी पकड़ने का दावा किया गया था। अफीम तस्करी के एक केस में नरेश कुमार आफत में फंस गए। तब अम्बाला से एसपी भारती अरोड़ा की ट्रांसफर हो चुकी थी।
सिमरदीप सिंह एसपी की कमान संभाल चुके थे। नरेश की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए सिमरदीप ने डिटेक्टिव स्टाफ में अपने निजी जवान नियुक्त कर दिए। तभी अफीम तस्करी के एक मामले में नरेश पर कम अफीम दिखाने का आरोप लगा जिसके बाद उसे लाइनहाजिर कर दिया गया। एसपी सिमरदीप ने बाद में उसके तमाम मामलों की जांच खोल दी। इसी वजह से उसकी ट्रांसफर अम्बाला से बाहर कर दी गई। कई साल से नरेश यमुनानगर में ही तैनात था।
जल्द काबू करने के प्रयास जारी
^आरोपी ने सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार का नाम लिया है। उसने यह बताया कि वह नरेश के कहने पर ही जसपाल से एक लाख रुपए लेने आया था। उसे रिमांड पर लिया गया है। पंचकूला में सब इंस्पेक्टर नरेश व पकड़े गए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। नरेश फरार है, उसे जल्द काबू करने की कसरत हो रही है।
शमशेर सिंह, जांच अधिकारी, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, अम्बाला
18001802022 पर सूचना दें
प्रदेश में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सतर्कता ब्यूरो के महानिदेशक यशपाल सिंघल ने लोगों से आग्रह किया है कि वे भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध टोल फ्री नंबर 18001802022 या विभाग की वेबसाइट www.haryanavigilance.gov.in पर सूचना दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के सक्रिय सहयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है और सतर्कता ब्यूरो द्वारा भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
(फोटो- विजिलेंस द्वारा पकड़े गए दलाल हरविंद्र को यमुनानगर लेकर जाते हुए।)