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सड़कों का सच : बनीं तो पर कमी में छुप रहे काम, सिक्स लेन का काम अब भी अधूरा

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। हरियाणा में सड़कें बनाने का आंकड़ा जितना सच बता रहा है, उसके साथ ही मजबूरियों और कुछ कमियों की भी पोल खोल रहा है। नेशनल हाईवे-1 के सिक्स लेन का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया। मामला अदालत में होने की बात कहते हुए हुड्‌डा सरकार इस रोड पर किसी भी तरह की कार्रवाई से बचती रही। 4,518 करोड़ की लागत से बनने वाले इस हाईवे को 9 नवंबर, 2011 तक बन कर तैयार हो जाना चाहिए था।
पंचकूला से यमुनानगर हाईवे का काम टेंडर होने के बाद भी सिर्फ इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि इस रोड के लिए निर्माता कंपनी को वन एंव पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी ही नहीं मिली। 1,915 करोड़ की लागत से बनने वाले कुं मानेसर रोड को 2009 तक बन कर तैयार हो जाना चाहिए था। लेकिन अभी भी काम अधूरा पड़ा हुआ है।
सवाल रोहतक तक सुहाना और बाकी सफर दर्द भरा क्यों
यमुनानगर में दो पुल बनाए गए, एक हमीदा हेड पर दूसरा दादुपर में दादुपुर नलवी नहर पर। एक करोड़ की लागत से हमीदा हेड का पुल उद्‌घाटन से पहले ही टूट गया। दादूपुर नलवी नहर का पुल 2012 में पहली बाढ़ ही झेल नहीं पाया और भरभरा कर नहर में समा गया। पानीपत से रोहतक तक की सड़कें ठीक हैं। पंचकूला से अम्बाला की ओर जाते हुए एक किलोमीटर का सफर तय करना भी मुश्किल भरा है। जींद से हिसार के ग्रामीण इलाकों की सड़कों की हालत इससे भी खराब है।