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सिविल अस्पताल से नेत्रहीन को लिखी बाहर की दवाइयां फिर भी आराम नहीं

7 वर्ष पहले
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अम्बाला। सिविल अस्पताल के डाॅक्टरों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के हलके में ही डाॅक्टर ने सरकारी नियमों को ताक पर रख दिया है। डाॅक्टर ने मरीज को बाहर बाजार में मेडिकल स्टाेर से दवा लेने की हिदायत दी है। दवा लेने के बाद भी नेत्रहीन दीपक को कोई आराम नहीं मिला। अब देखना है कि अपने मजबूत फैसलों के लिए मशहूर अनिल विज इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। अस्पताल की कार्यप्रणाली से नाराज नेत्रहीनों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से अस्पताल प्रशासन की शिकायत करने की बात कही है।
महेंद्रगढ़ के रहने वाले नेत्रहीन दीपक ने बताया कि वह ब्लाइंड होस्टल में अपने कुछ दोस्तों से मिलने के लिए अम्बाला आया था। यहां दस्त लगने की वजह से उसकी तबियत बिगड़ गई। तबियत बिगड़ने के बाद बुधवार सुबह उसके साथी उसे अस्पताल ले आए। यहां डाॅक्टर ने उसे ग्लूकोस ड्रिप लगा दी। पर्ची पर कुछ दवाइयां लिखीं गईं जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। दवाइयां बाहर से लाने को कहा गया। दीपक ने बताया कि ड्रिप लगाने के दौरान उसके हाथ में कई बार अलग-अलग जगह सुईंयां चुभाई गईं जिससे पता चलता है कि अस्पताल का स्टाफ प्रशिक्षित नहीं है।
इतने में उसके साथी बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं ले आए। दीपक ने बताया वीरवार को भी जब उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ तो वह शाम को एक बार फिर से अस्पताल आ गया। यहां स्टाफ ने उससे कहा कि दस्त रुकने में वक्त लगता है, इंतजार करो। जब उसकी तबियत बिगड़ रही है और अस्पताल प्रशासन को नेत्रहीन मरीज पर जरा भी तरस नहीं आ रहा। इतनी बात कहकर दीपक साथियों के साथ उनका हाथ थमाकर अस्पताल से बाहर निकल गया।
(फोटो- चोट दिखाते हुए नेत्रहीन दीपक।)