अम्बाला सिटी। रोडवेज महाप्रबंधक द्वारा मांगें लागू न करने पर रोडवेज कर्मचारियों ने गुरुवार को महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने इस दौरान डिपो के सभी बसों का चक्का जाम रखा। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने प्रधान राकेश बत्तरा ने बताया कि महाप्रबंधक को 16 सितंबर को अवगत कराया गया था कि यदि उनकी मांगों को लागू नहीं किया तो वे 18 को डिपो की बसें न चलाकर रोष प्रदर्शन करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी महाप्रबंधक की होगी।
मांगों संबंधी निपटान के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है, अगर ऐसा नहीं होता है, तो मंच आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की महाप्रबंधक व डीसी से बातचीत हुई। इसी दौरान डीसी ने कर्मचारियों को मांगें लागू करने के लिए लिखित-पत्र देकर प्रदर्शन को समाप्त कराया गया।
10 से 12 बसें बंद
प्रदर्शन के दौरान सभी बसें बंद रहीं। किसी भी चालक-परिचालक ने करीब 10 से लेकर 12 बजे तक बसों को बाहर नहीं निकाला और अपने मांगों पर ही अड़े रहे।
2 लाख का नुकसान
गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर डिपो के कर्मचारियों ने करीब दो घंटे प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब दो घंटे ही बसाें का चक्का जाम रखा। जिससे डिपो को करीब 2 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।
10 बसें ही चलीं
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किया गए प्रदर्शन से पूर्व सुबह करीब 4 से 8 बजे तक ही केवल लंबे रूटों की बसों को ही बाहर जाने दिया गया जिसमें बैजनाथ, कुल्लू, जयपुर, शिमला व अन्य लंबे रूट की बसें शामिल हैं।
इन मांगों के लिए एक माह का दिया समय
जिन कर्मचारियों को सरकार द्वारा नियमित वेतनमान दिया गया है, उनको एरियर दिया जाए। सभी कर्मचारियों का रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड किया जाए। सभी खाली पड़े पदों को भरा जाए। नई पॉलिसी के तहत चालक व परिचालकों को नियमित नंबर दिए जाएं। चालक व परिचालक काे ओवर टाइम का भुगतान मई से नए रेटों के हिसाब से किया जाए।
(फोटो- सिटी की रोडवेज वर्कशाप में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी।)