चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बुधवार को आई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। सीएम ने कह दिया, ‘जो चुनाव लड़ते हैं, वो रेस के घोड़े होते हैं और जो चुनाव से भागते हैं वे बारात के’। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन जिस सवाल के संदर्भ में यह टिप्पणी आई, उससे सारा माजरा समझ में आता है। पत्रकारों ने उनसे पूछा था, ‘अम्बाला की सांसद कुमारी सैलजा राज्यसभा में क्यों चली गईं, क्या वो चुनाव से भाग रही हैं।’ सीएम की टिप्पणी पर कुमारी सैलजा ने तीखा जवाब देने की बजाय इतना ही कहा, ‘मैं चुनाव से नहीं भाग रही।’
मुख्यमंत्री को गुस्सा क्यों आया
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सैलजा के राज्यसभा में जाने को हुड्डा खेमा अपनी हार के रूप में देख रहा है। हुड्डा खेमा फूलचंद मुलाना या डॉ. रामप्रकाश में से एक को टिकट दिलाना चाहता था। हाईकमान के निर्णय का सम्मान करते हुए हुड्डा मंगलवार को सैलजा के नामांकन भरने के समय आए, लेकिन नामांकन के तुरंत बाद विधानसभा परिसर से निकल गए थे। उसी दिन हिसार में कहा था कि सैलजा राज्यसभा में प्रदेश की आवाज उठाएंगी।
स्लाइड्स पर क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर...