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सीनियर सिटीजंस से छीना शिक्षा विभाग ने कमरा, फर्नीचर हो रहा खराब

7 वर्ष पहले
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(सिटी के सेक्टर-दस के खंड अध्यापक शिक्षा संस्थान के इस कमरे को सीनियर सिटिजन को दिया गया था।)
अम्बाला सिटी। एक ओर जहां सरकार बुजुर्गों को सम्मान देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर बुजुर्ग अपने हकों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। यह कहना है हुडा सेक्टर-10 के सीनियर सिटीजन वेलफेयर क्लब के बुजुर्गों का। उनका कहना है कि सरकार हर राेज नई-नई योजनाएं चलाकर बुजुर्गों को सम्मान व हक देने की बात करती है। लेकिन उन्हीं हकों को सरकार के नुमाइंदे बुजुर्गों से छीन लेते हैं।
दरअसल 2013 में सेक्टर-10 में ही उक्त सीनियर सिटीजन वेलफेयर क्लब के सदस्यों ने जिला प्रशासन से मांग की थी कि उन्हें क्लब के सदस्यों के बैठने के लिए एक कमरा चाहिए। उस समय के एसडीएम विनय प्रताप ने उनकी मांग को पूरा करते हुए उन्हें सेक्टर स्थित प्राइमरी स्कूल में एक अलग से कमरा दिया था। लेकिन उस कुछ समय उपरांत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने उनका कमरा उनसे छीनकर जेबीटी टीचर्स को ट्रेनिंग कराने के लिए उन्हें दे दिया और उनके द्वारा रखा गया 25 हजार रुपए का फर्नीचर बाहर रखवा दिया है।

क्लब प्रधान बलबीर सिंह बैंस ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ कई बार हुडा अधिकारियों से मिले चुके हैं, लेकिन न तो हुडा अधिकारी कुछ करते हैं और न ही जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी उनकी ओर कोई ध्यान देते हैं। उनका कहना है कि कमरा न मिलने की वजह से क्लब के 65 से अधिक बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वे एक्सईएन टीआर मिगलानी के पास गए थे तो उन्होंने कहा कि स्कूल के सामने बने कम्युनिटी सेंटर बिल्डिंग में अलग से कमरा दिया जाएगा, लेकिन आज तक उन्होंने कमरा नहीं दिया गया। बुजुर्गों का कहना है कि पूरा दिन घर बैठे रहते थे इसीलिए उन्होंने प्रशासन से कमरा लिया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने वह भी उनसे छीन लिया। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें दिया गया कमरा वापस दिलाया जाए, ताकि वह अपनी मासिक बैठक के दौरान इसका इस्तेमाल कर सके।
बाहर बैठकर करते हैं मीटिंग
क्लब सदस्यों का कहना है कि करीब तीन माह हो चुके हैं उनसे उनका कमरा छीने हुए। कमरा न होने की सूरत में उनका खुले आसमान की नीचे ही 65 से अधिक बुजुर्ग अपनी क्लब की मीटिंग कर अपनी समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हैं।
कमरे से बाहर रखा फर्नीचर

बुजुर्गों का कहना है कि कमरा मिलने के बाद उन्होंने करीब 25 हजार रुपए का फर्नीचर यानी मेज व कुर्सी सहित अन्य चीजें कमरे में रखवा दी थी, लेकिन जिला प्राइमरी स्कूल अधिकारी ने उन सभी को बाहर निकाल कर रख दिया है, जिस कारण वे खराब हो रही हैं।
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