अम्बाला. देवरानी के पास डाकखाना है। यह डाकखाना भी अजीब है। गोबर का बड़ा सारा ढेर। ढेर से उठ रही बदबू। ऊपर बोर्ड टंगा है, जिस पर लिखा है डाकखाना। जिस कमरे पर बोर्ड टंगा है उसके भीतर भैंसे रम्भा रही हैं। यह डाकखाना है कलरेहड़ी गांव का। इसे चला रही हैं टिंकी जो पुष्पा की देवरानी हैं। पुष्पा खुद आंगनवाड़ी चला रही हैं। आइए, अब और रोचक जानकारी देते हैं। टिंकी जो डाकखाना चला रही है, उसका किराया उन्हें विभाग की ओर से मात्र सौ रुपए मिल रहा है। अब आप समझ गए ना, सौ रुपए में तो ऐसा ही डाकखाना मिलेगा। जहां गोबर की बदबू आएगी और भैंसों की रंभाहट
सुनाई देगी।
यह डाकखाना मंगलवार को इसलिए चर्चाओं में आया, क्योंकि आधार कार्ड को लेकर आपाधापी मची हुई थी। लोगों का आरोप था कि डाकखाने में आधार कार्ड पड़े हैं। जिसकी जो इच्छा हो वो वह ले जा रहा है। जिनके बने हैं, उन्हें ढूंढने से भी नहीं मिल रहे हैं। आरोप लगाने वाले सतीश, गुरुदेवी, नीतू देवी, अमन हांडा के अनुसार इस लापरवाही में उनके आधार कार्ड गुम हो गए हैं।
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