पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गुरनाम चढूनी का वजन गिरा, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष का रूखी में अनशन जारी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

गोहाना. गेहूं पर 300 रुपए बोनस और नष्ट हुई फसलों का 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी दूसरे दिन भी अनशन पर रहे। शनिवार को चढूनी का एक किलोग्राम वजन कम हो गया है, जबकि रक्तचाप भी डाउन चल रहा है। साथ उन्होंने पेट में दर्द की बात भी कही। हालांकि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लगातार उनका चैकअप किया जा रहा है।

अनशन पर बैठक भाकियू प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की कथनी व करनी में भारी अंतर है। किसानों का मसीहा होने का दम भरने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसानों के घोर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि भाकियू की मांग पूरी न होने तक आंदोलन को थमने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कभी गांव रूखी के लोगों को डराया जा रहा है तो कभी धरने पर बैठे लोगों को भोजन न देने का पुलिस द्वारा ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है।

इनेलो और भाजपा ने दिया समर्थन

भाकियू द्वारा किए जा रहे आंदोलन को लगातार बल मिल रहा है। जहां भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह अनशन पर बैठे हैं। वहीं गांवों के लोग भी उनके समर्थन में आने लगे हैं। भाजपा नेता राजीव जैन ने गांव रूखी में अनशनस्थल पर पहुंचकर पार्टी की तरफ से किसानों की मांगों का समर्थन किया व कहा कि पार्टी द्वारा हर प्रकार की सहायता की जाएगी। भाकियू की बोनस व मुआवजे की मांग जायज है। इनेलो की तरफ सेबरोदा हलके के प्रधान डा. कपूर सिंह अनशनस्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है।

अपने आपको को छोटूराम बताने वाले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसानों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। किसानों की उपजाऊ जमीन का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है व बोनस व मुआवजा देने की बात पर मुख्यमंत्री चुप्पी साध रहे हैं। इनके अलावा 2+5 जनांदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर हुड्डा ने भी भाकियू का समर्थन किया है।

जेलों में बंद साथी भी अनशन पर

गांव रूखी में अनशन पर बैठे भाकियू अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह ने कहा कि जेलों में बंद किसान भी अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि सोनीपत जेल में भाकियू के गोहाना हलके के प्रधान सत्यवान नरवाल व उनके 9 अन्य सहयोगियों द्वारा अनशन किया जा रहा है। भिवानी जेल में भी करीब 30 किसान अनशन पर बैठे हैं।

कांग्रेस किसानों की दुश्मन : शमशेर

राई . भाकियू (अ) के प्रदेशाध्यक्ष शमशेर दहिया ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। जमीन बचाने और फसल पर बोनस व मुआवजा मांगने वाले किसानों को जेल में डाला जा रहा है। किसान संगठन एकजुट होकर 15 मई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन सौंपेंगे और सरकार की तानाशाही पूर्ण नीतियों से उन्हें अवगत कराएंगे। वे शनिवार को प्रीतमपुरा मोड़ पर धरने पर बैठे किसानों को संबोधित कर रहे थे। किसानों की पंचायत को भारतीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र ने भी समर्थन देने की घोषणा की।

दहिया ने कहा कि रूखी गांव में किसानों के साथ सरकार ने अन्याय किया है। किसान केवल गेहूं पर बोनस और खराब फसल के मुआवजे की मांग कर रहे थे। किसानों के साथ एक अपराधी जैसा व्यवहार किया गया और उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। सरकार किसानों के साथ तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई कर रही है। भूमि अधिग्रहण के नाम से किसानों की जमीन छीन ली गई।

सरकार ने करोड़ों रुपए की जमीन को कौड़ियों के भाव पर अधिग्रहण कर लिया। किसान बर्बाद होकर धरने पर बैठे हुए हैं। सभी किसान एकजुट होकर 15 मई को प्रधानमंत्री से मिलेंगे और ज्ञापन सौपेंगे। इस मौके पर बीसवां मिल चौक धरने के प्रधान राजपाल सेवली, बढख़ालसा धरने के प्रधान रामचंद्र दहिया, प्रीतमपुरा धरने के प्रधान सुरेश दहिया, सेरसा धरने के प्रधान राजकुमार खत्री, भलेराम असावरपुर आदि मौजूद थे।