अम्बाला. इसरो की पहल के बावजूद स्कूली बच्चे
मंगलयान काे मंगलग्रह में प्रवेश करने के नजारे को नहीं देख पाए। हरियाणा शिक्षा निदेशालय की उत्कृष्ट सोसाइटी द्वारा बाकायदा इस बारे में प्रदेशभर के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी के पास निर्देश भी भेजे गए थे। लेकिन जिले में इस बारे में कोई भी निर्देश नहीं पहुंचने से यह स्थिति हुई। खुद जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने यह बात स्वीकार की। जबकि कैंट के केंद्रीय विद्यालयों व कुछ प्राइवेट स्कूलों में इसके लिए व्यवस्था की गई है।
दरअसल, बच्चों को वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए ने इसरो ने पहल करते हुए प्रदेशभर के सभी स्कूलों में मंगलयान को मंगलग्रह में प्रवेश करने के नजारे को दिखाने की योजना बनाई थी। भारतीय मंगलयान का मिशन भारत परिक्रमा बुधवार को शुरू होना था।
इसरो चाहता था कि इस पूरे अभियान को स्कूली बच्चे देखें ताकि उनकी साइंस को लेकर उत्सुकता बढ़े। इसीलिए ऐसा सोचा गया था। लेकिन यह सोच केवल सोच तक ही सिमट गई। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण डीडी न्यूज व डीडी नेशनल पर सुबह 6 बजकर 45 मिनट से 8 बजकर 45 मिनट तक हुआ। इसके बाद एजुसेट पर इसके पुन: प्रसारण की व्यवस्था कराई गई। लेकिन जिले के किसी भी स्कूल में बुधवार को ऐसी व्यवस्था नहीं हो सकी। भास्कर टीम ने जब स्कूल प्रिंसिपल्स व संचालकों से बात की तो उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अनभिज्ञता जाहिर कर दी।
स्कूलों में हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षाआें के चलते प्रोजेक्ट दिखाना संभव नहीं
इस समय स्कूलों में हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इन परीक्षाओं के चलते स्कूलों में इस समय यह प्रोजेक्ट दिखाना संभव नहीं था। साथ ही किसी भी जिला अफसर के पास सूचना नहीं पहुंची। इसका कारण विभाग की लेटलतीफी रही। इसरो के साथ प्रदेश सरकार व शिक्षा निदेशालय ने भी इसमें अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसीलिए जागरुकता की कमी भी इस मिशन का सफल बनाने में आड़े आ गई।
पीएम के भाषण के बावजूद नहीं सुधरे हालात
5 सितम्बर को प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के लाइव भाषण को सुनने के लिए भी प्रदेश के सभी स्कूलों को व्यवस्था करने के लिए बोला गया था। लेकिन इस दिन भी विभागीय खामियों के चलते अधिकतर स्कूलों में बच्चे इस कार्यक्रम को नहीं देख सके थे। विभाग ने इस कार्यक्रम के बावजूद व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए। लिहाजा शिक्षा विभाग को यदि निर्देश मिल भी जाते तो भी एजुसेट पर कार्यक्रम को दिखाया जाना संभव नहीं हो पाता।
सूचना नहीं पहुंची थी
हमारे पास इस तरह की कोई सूचना ही नहीं पहुंची थी। यदि विभाग के पास सूचना होती तो व्यवस्था कराई जाती।
- वंदना गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी।
कैंट के केवी 3 में मंगलग्रह मिशन को टीवी पर देखते बच्चे।