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जेल से आने के बाद फिर थाने पहुंचा मंदिर की जमीन का मामला

7 वर्ष पहले
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अम्बाला। गांव नन्हेड़ा के रविदास मंदिर के साथ लगती जमीन के झगड़े की चिंगारी एक बार फिर भड़क गई है। गांव का विवाद थाने पहुंचकर कोर्ट होता हुआ अब जेल तक पहुंच गया है। इसमें एक पक्ष के सात लोगों को जेल की हवा भी खानी पड़ी। लगभग एक हफ्ते की जेल काटने के बाद बाहर आए कुछ लोगों ने पुलिस पर दूसरे पक्ष की पैरवी कर केस को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इसी बात से नाराज गांव के कुछ लोग रविवार को थाने में ही धरने पर बैठ गए। सोमवार यानी आज गांव के रविदास समाज के लोग डीसीपी सुरेंद्र पाल सिंह के दरबार में इंसाफ की गुहार लगाएंगे। गांव में इस वक्त जबरदस्त तनाव है।
ये है मामला: घसीटपुर के रविदास मंदिर के साथ लगती खाली जमीन विवाद की असली जड़ है। गांव के लोग इसे मंदिर की जमीन बता रहे हैं जबकि मंदिर के साथ वाले मकान में रहने वाला परिवार इस पर अपना दावा जता रहा है। इस बात को लेकर इसी साल दो बार फरवरी और जून में काफी गाली-गलौज और झगड़ा हो चुका है। जून में हुए झगड़े में दोनों पक्षों के लोगों को काफी चोटें भी आई थीं। इसके बाद पड़ाव पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी रणधीर सिंह, मेयर रमेश मल और पार्षद स्वर्ण कौर के पति परमजीत सिंह ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कर दिया था। परंतु 4 सितंबर को विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया।

गांव में फिर भड़क सकता है विवाद
गांव वासी लाभचंद ने बताया कि धार्मिक मामले को लेकर लोगों में काफी रोष है। पुलिस की कार्यप्रणाली से भी लोग काफी खफा हैं। कमजोर और गरीब समझकर गांव वालों की सुनवाई नहीं हो रही।
पुलिस पर दूसरे पक्ष की पैरवी करने का आरोप
जेल काटकर आए भगत राम ने बताया कि 4 सितंबर को पड़ाव पुलिस थाने से उनके पास फोन आया, जिसमें मंदिर प्रकरण को लेकर गांव के 15 लोगों और दूसरे पक्ष के 5 लोगों पर केस दर्ज होने की बात कही गई। फोन मिलने के बाद वह सात लोग थाने चले गए, जहां से पुलिस वाले उन्हें जबरन सिविल अस्पताल मेडिकल कराने ले गए। 5 सितम्बर को सभी को कोर्ट में पेश कर दिया गया। भगत राम ने बताया कि इसके बाद जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया तो दूसरे पक्ष में आरोपी ही केस की पैरवी को प्रभावित कर रहा था।
उसके साथ कई और साथी वकील भी थे, जिन्होंने जज पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इसके बाद दो बार हुई केस की सुनवाई में सातों लोगों को एक हफ्ते के लिए जेल की हवा खानी पड़ी। लाभचंद ने कहा कि दूसरे पक्ष के खिलाफ पुलिस एक्शन लेने में कोताही बरत रही है। इस वजह से गांव में तनाव का माहौल है। रामकुमार ने कहा कि गांव के लोगों को यदि इंसाफ न मिला तो सैकड़ों परिवार चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। सोमवार को गांव के लोगों हेमराज, संतराम, सुखबीर, प्रवीन, सुरेंद्र, जगीर सिंह व चंद्रप्रकाश ने डीसीपी के दरबार में अर्जी लगाने की बात कही है।
(फोटो- घसीटपुर के लोग पड़ाव थाने में धरना देते हुए।)