चंडीगढ़। सस्ते पेट्रोल-डीजल से प्रदेश के लोगों को हो रहे फायदे में राज्य सरकार हिस्सा बंटाने की तैयारी में है। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पर वैट 5 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। कैबिनेट में जल्द ही मुहर लग सकती है। ऐसा होने पर प्रदेश में पेट्रोल करीब 2.50 रुपए लीटर तक महंगा हो जाएगा। अभी पेट्रोल पर वैट 20.5 फीसदी है। दरअसल, भाजपा सरकार ने बीते साल 26 नवंबर को डीजल पर वैट 8.8 से बढ़ाकर 11.50 प्रतिशत किया।
इससे प्रदेश में डीजल 1.37 रुपए महंगा हो गया और सरकार को लगभग 630 करोड़ रुपए मिलने का इंतजाम। लेकिन जनवरी से सामािजक सुरक्षा पेंशन में 200 रुपए बढ़ोतरी करने से मामला तकरीबन बराबर हो गया। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन-चार बार गिरावट होने से सरकार के टैक्स में करीब 600 करोड़ की कमी होने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक खराब वित्तीय स्थिति के चलते पेट्रोल पर वैट बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
...तो प्रदेश सरकार को 20 करोड़ रुपए हर माह अतिरिक्त मिलेंगे
वैट बढ़ाने से हरियाणा में पेट्रोल 57.37 से बढ़कर करीब 60 रुपए लीटर हो जाएगा। इससे दिल्ली से सटे गुड़गांव, फरीदाबाद,
सोनीपत, बहादुरगढ़, पलवल जिलों में पेट्रोल की सेल पर असर पड़ेगा। क्योंकि दिल्ली में पेट्रोल पर वैट 20 फीसदी है। हालांकि राजस्थान में 30 और पंजाब में 32. 25 फीसदी वैट हरियाणा से ज्यादा ही रहेगा। ये दोनों राज्य हरियाणा पर वैट बढ़ाने के लिए दबाव भी बनाते रहे हैं।
प्रदेश में हर महीने करीब 8 करोड़ लीटर पेट्रोल बिकता है। करीब 2.50 रु. लीटर दाम बढ़ाने से सरकार को हर माह 20 से 22 करोड़ मिलेंगे। उधर, हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने पेट्रोल पर वैट बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। अध्यक्ष दिनेश गोयल का कहना है कि यह गलतफहमी है कि वैट बढ़ाने से राजस्व बढ़ेगा। बल्कि एनसीआर में बिक्री बहुत घट जाएगी।