अम्बाला। एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय यदि फटता है और हादसे में संपत्ति या किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है तो उपभोक्ता को जनदायित्व बीमा पॉलिसी के तहत लाखों रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसके लिए गैस कंपनियों द्वारा बनाई गई कुछ आवश्यक हिदायतों का पालन करना होगा। दुर्भाग्य की बात है कि अम्बाला में ऐसे कई हादसे हुए मगर जानकारी न होने की वजह से मुआवजा के लिए आवेदन किसी ने नहीं किया। हरियाणा के मुकाबले में पंजाब के गैस उपभोक्ता ज्यादा जागरूक हैं। वहां कई लोग मुआवजे का लाभ ले चुके हैं।
यह जरूरी है बीमा क्लेम करने के लिए
यदि दुर्घटना होती है तो बीमा क्लेम करने के लिए इन बातों का होना जरूरी है। उपभोक्ता द्वारा एलपीजी कनेक्शन जिस पते पर लिया गया है। उसी पते पर सिलेेंडर फटने से दुर्घटना होना जरूरी है। उपभोक्ता दुर्घटना के समय किसी दूसरी कंपनी का रेगुलेटर यूज न कर रहा हो।
इस तरह मिलता है क्लेम
क्लेम करने के लिए दुर्घटना के बाद गैस एजेंसी को सूचित करना होता है। इसके बाद कंपनी संबधित बीमा कंपनी को सूचित कर देती है। बीमा कंपनी का कर्मचारी दुर्घटनास्थल पर जाकर नुकसान का आंकलन करके बीमा कंपनी में दे देता है। उसके बाद बीमा कंपनी निर्धारित करती है कि नुकसान कितना हुआ।
कितना मिलेगा मुआवजा
हादसा होने पर बीमा कंपनियां मौके पर पहुंच कर स्थिति का दौरा करेंगी। इसके बाद दुर्घटना में होने वाले नुकसान का आंकलन कर एक से 10 लाख रुपए तक का मुआवजा देगी।
पिछले वर्ष हुआ खोजकीपुर में बड़ा हादसा
>खोजकीपुर की एक ग्लास मोल्ड करने वाली फैक्टरी में सिलेंडर फटने से पूरी फैक्टरी धराशायी हो गई। हादसे में 5 लोगों की मौत व 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ गंभीर खामियों की वजह से फैक्टरी मालिकों की ओर से क्लेम के लिए आवेदन नहीं किया गया। हालांकि अगर खामियां न होती तो फैक्टरी में हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों को मुआवजा जरूर मिलता।
2.30 लाख उपभोक्ता अम्बाला में
जिले में फिलहाल कुल 2 लाख 30 हजार एलपीजी गैस कनेक्शन हैं। इसमें सभी उपभोक्ताओं का गैस सिलेंडर फटने से होने वाली दुर्घटना का 10 लाख तक का बीमा गैस कंपनियों द्वारा उपभोक्ता के कनेक्शन लेते समय ही कर दिया जाता है। लेकिन विडंबना देखिए कि जिले में हर वर्ष सिलेंडर फटने की दुर्घटना होने के बावजूद अाज तक किसी उपभोक्ता ने गैस एजेंसियों से दुर्घटना के संबंध में बीमे का क्लेम नहीं किया। क्योंकि कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं को इस जानकारी के बारे में बताया ही नहीं जाता है।
इनका मिलता है क्लेम
सिलेंडर फटने से होने वाली दुर्घटनाओ में बीमें के अंदर संपत्ति का नुकसान व किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर दस लाख तक का बीमा मिलने का प्रावधान है। बड़े हादसों में तो क्लेम की राशि 50 लाख रुपए तक भी हो सकती है। छोटे हादसों के हालत में क्लेम एक लाख रुपए तक से शुरू होता है। बड़े हादसे में मुआवजा बढ़ जाता है।
मुआवजा नुकसान पर निर्भर
^यह बिल्कुल सच है कि घरेलू गैस के इस्तेमाल करते समय होने वाले हादसों के लिए मुआवजे की व्यवस्था है। गैस कनेक्शन खरीदने के साथ ही उपभोक्ता व उसकी संपत्ति का बीमा निर्धारित हो जाता है। मुआवजा तब मिलता है जब गैस सिलेंडर फटने से कोई हादसा हो। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। उपभोक्ताओं को उनका पालन करना पड़ता है। मुआवजे की राशि हादसे से होने वाले नुकसान पर निर्भर करती है।
नवीन मुखीजा, डिप्टी मैनेजर, आईओसी, अम्बाला।