अम्बाला। उधमपुर-अम्बाला एक्सप्रेस सुबह 11:20 बजे उधमपुर स्टेशन फिरोजपुर डिविजन से 12 जनरल कोचों में 2514 यात्रियों को लेकर चली। रात 8:15 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर इसके आने की घोषणा की गई व 8:30 बजे पहुंच गई। इस दौरान स्टेशन पर 30 आरपीएफ व 25 जीआरपी जवान मौजूद थे। यात्रियों को ट्रेन से उतार कर सुरक्षित रेलवे ऑडिटोरियम में पहुंचाने के जिला आयुक्त स्काउट एंड गाइड विकास आनंद 45 वालंटियरों के साथ तैनात थे।
स्टेशन के बाहर एडीसी ने संभाली व्यवस्था
स्टेशन से बाहर की यात्रियों की व्यस्था का संचालन एडीसी औरविंद शर्मा, एसडीएम डॉ. प्रियंका
सोनी रेडक्रास टीम के साथ उपस्थित थे। मौके पर मौजूद रोडवेज जीएम अमित पांचाल ने बताया कि रविवार से हरियाणा में बाढ़ पीड़ितों के लिए 24 घंटे की मुफ्त बस सेवा शुरू की गई है। सीएमओ विनोद गुप्ता ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सिटी व कैंट सिविल अस्पताल में 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा शुरू की गई है जबकि रेलवे स्टेशन पर 2 फार्मासिस्ट, 2 डॉक्टर, एंबुलेंस, व्हील चेयर, स्ट्रेचर, इमरजेंसी इंजेक्शन आवश्यक फर्स्ट एड दवाएं उपलब्ध कराई गई है।
दुधमुंहे व 8 अन्य बच्चों के साथ पहुंचा मयुद्दीन
जम्मू-कश्मीर की बाढ़ से दुधमुंहे बच्चा भी जान बचाकर लौट आया। यह बच्चा उस मयुद्दीन के था जो अपने नौ बच्चों और पत्नी के साथ श्रीनगर के लाल चौक में 15 दिनों से बाढ़ में फंसा था। सेना की मदद से वह उधमपुर पहुंचा जहां से उधमपुर-अम्बाला एक्सप्रेस उसे लेकर रात 8:21 बजे अम्बाला पहुंची। बाढ़ की त्रासदी से अभी भी यह परिवार उबरा नहीं नजर आ रहा था। मयुद्दीन ने बताया कि उसे यकीन नहीं हो रहा है कि गले तक पानी से वह सूखी समतल जमीन पर आ गया है।
अम्बाला स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन के खड़े होते ही बिहार के सहरसा जिला निवासी सगीर, अख्तर, अफाद, मुहम्मद जहांगीर, किसनगंज का इस्माइल व रसीदउल, नेपाल का जोगानंद, मोहम्मद के मुंह से अचानक निकला, "या अल्लाह जान बख्श दी।' उन्होंने बताया कि वहां अभी भी छह से आठ फुट पानी जमा है। गांव डूबे हैं। खाने को अन्न न पीने को पानी है। सरकार और सेना भी कितना करे। रेलवे स्टेशन पर बाढ़ पीड़ितों को भोजन कराने के बाद उनके गंतव्यों को जाने वाली विभिन्न ट्रेनों में रवाना किया गया।
(फोटो -जम्मू-कश्मीर की बाढ़ से अम्बाला पहुंचे यात्री आपबीती बताते हुए।)