चंडीगढ़ | 10618 करोड़ रुपए के वैट रिफंड घोटाले की अगली सुनवाई लोकायुक्त जस्टिस प्रीतमपाल सिंह अब 23 फरवरी को करेंगे। सोमवार को मामले में दो अन्य शिकायतकर्ताओं रघुवीर सिंह और राजस्थान के अजमेर निवासी शिव साहनी ने इंटरविनर बनने के लिए एफिडेविट फाइल किया। पिछली तारीख पर इन दोनों को लोकायुक्त ने एफिडेविट के साथ अपनी शिकायत फाइल करने के निर्देश दिए थे।
सोमवार को कैथल के तत्कालीन डीईटीसी एवं फरीदाबाद में मौजूदा ज्वाइंट कमिश्नर अनिल राव भी लोकायुक्त के सामने पेश हुए। राव ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट में अपने पर लगे आरोपों का जवाब देने के लिए लोकायुक्त से कुछ समय और मांगा। इस पर उन्हें 23 फरवरी तक का समय दिया गया।
एसआईटी जांच में खामियां, घोटाला बड़ा : सतबीर
शिकायतकर्ता कैथल निवासी सतबीर सिंह ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर फिर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की पूरी गहराई से जांच की जाती तो घोटाले का आंकड़ा 50,000 करोड़ रुपए पहुंचता। लेकिन एसआईटी से जुड़े अफसरों ने राज्य हित के बजाय अपने निजी हितों का ज्यादा ख्याल रखा।
नए सिरे से जांच होनी चाहिए। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता सतबीर सिंह की भूमिका को सही नहीं मानते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की सिफारिश की है।