(गीता नगरी में पेंशन न मिलने के कारण जाम लगाकर नारेबाजी करते बुजुर्ग)
अम्बाला सिटी। गीता नगरी में बुढ़ापा पेंशन दो घंटे क्या लेट मिली, बवाल मच गया। सुबह से पेंशन से इंतजार कर रहे बुजुर्ग सड़क पर उतर आए। राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बुजुर्गोंं ने चंडीगढ़-अमृतसर हाइवे लिंक रोड पर जाम लगा दिया। अफसरों को जमकर कोसा। पेंशन न मिलने की वजह से जाम की खबर विधायक असीम गोयल तक पहुंची। इसके तुरंत बाद ही अफसर हरकत में आ गए। पेंशन का काम शुरू होते ही 2 घंटे बाद बुजुर्गों ने जाम खोल दिया। बुजुर्गेां में बड़ी संख्या महिलाओं की भी थी। विधायक असीम गोयल की मानें तो मेयर रमेश मल व स्थानीय पार्षद ने बुजुर्गेां को जाम लगाने के लिए उकसाया था। हालांकि पार्षद ने ऐसे आरोपों से साफ इंकार किया है।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ इंतजार: मंगलवार को गीता नगरी में पेंशन बांटी जानी थी। पेंशन लेने के लिए निर्धारित जगह पर बुजुर्ग सुबह 9 बजे से आने शुरू हो गए थे। 12 बजे तक पेंशन बांटने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आया तभी बुजुर्ग भड़क उठे। इसके बाद लिंक रोड पर जाम लगा दिया गया। बुजुर्गेां ने सरकार के साथ अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। बुजुर्ग कमला शर्मा, शामलाल, ज्ञान कौर, बंतो देवी, बिमला देवी, आज्ञा कौर, राजकौर, सुरेश सिंह, हंसराज, जोगा सिंह, यश शर्मा, मंगतराम कपूर ने बताया कि सुबह से वे पेंशन का इंतजार कर रहे हैं पर किसी ने यह नहीं बताया कि पेंशन कब बंटेगी। बुजुर्गों ने तब तक जाम खोलने से साफ इंकार कर दिया जब तक उन्हें पेंशन नहीं मिलेगी। इसके बाद विधायक असीम गोयल ने हस्तक्षेप किया। 2 बजे पेंशन बांटने का काम शुरू हुआ जिसके बाद बुजुर्ग शांत हुए।
मेयर व पार्षद ने जाम के लिए उकसाया: विधायक असीम गोयल ने बताया कि बैंक से पैसे लेट मिले। इसी वजह से समय पर बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिली। विधायक ने कहा कि बुजुर्गों की जाम लगाने की मंशा नहीं थी पर मेयर रमेश मल व पार्षद ने वहां आकर बुजुर्गों को भड़का दिया। इसी वजह से बुजुर्गों ने जाम लगा दिया।
विधायक ने मेयर रमेश मल को अपने पद की गरिमा रखने की भी नसीहत दी। मेयर का काम नगर निगम के कामकाज को देखने का है, न कि किसी को जाम के लिए उकसाकर उनके साथ धरने पर बैठने का है। पार्षदों के निकम्मेपन के कारण ही लोग समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनके पास 70 फीसदी समस्याएं निगम से जुड़ी आ रही हैं। ये पार्षदों का निकम्मापन नहीं तो और क्या है। पार्षद जनता की समस्याएं तक नहीं सुनते, उनके समाधान की बात तो दूर है। गोयल ने बताया कि मैंने पार्षदों के उन लोगों को मना किया है, जो बुजुर्गों को गुमराह करते हैं। विधायक ने पार्षदों के उस आरोप को भी सिरे से खारिज किया कि पेंशन बांटने के दौरान जान-बूझकर बैठने से उन्हें मना किया गया है।