अम्बाला. खनन पर सिर्फ नाम के लिए ही रोक लगी है। टांगरी नदी में रेत का खनन बदस्तूर जारी है। खनन करने वाले रेत बेचकर मालामाल हो रहे हैं। छोटी छोटी रेहड़ियों से लेकर बड़े बड़े ट्रकों में रेत भरकर खनन का कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। कभी कभार ही इक्का दुक्का ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ओर रेहड़ा चालक पर दिखावे की कार्रवाई की जाती है। परंतु बड़े कारोबारियों पर नजरे करम बरकरार है। टांगरी में दाखिल होने के लिए इन वाहन चालकों ने बाकायदा खुफिया रास्ते भी बनाए हुए हैं।
प्रशासन का अनदेखी पूर्ण रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है। खनन करने वालों के हौंसले दिन-ब-दिन प्रशासन के ढुलमुल रवैये की वजह से बुलंद हो रहे हैं। रामपुर के रहने वाले दीपक ने बताया कि दिनभर इलाके से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों व रेहड़ों आदि में लोग खुलेआम रेत भरकर ले जाते हैं और उन्हें कोई भी नहीं रोकता। लोगों को खनन बंद होने का हवाला देकर मंहगे दामों में रेत बेची जा रही है।
रेहड़ियों में ढोकर बाहर लाई जाती है रेत
बब्याल के राम ने बताया कि जब प्रशासन की ओर से कुछ दिनों के लिए सख्ती की जाती है तो रेहड़ियों और रेहड़ों में रेत भरकर रेत टांगरी से बाहर लाई जाती है। इसके बाद रेत को ट्रालियों और ट्रकों में भरकर बाजार में ले जाया जाता है।