पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बेटा पैदा न होने पर अपने ही घर के दरवाजे बंद हो गए इस महिला के लिए

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अम्बाला. कंवलजीत कौर के लिए अपने ही घर के दरवाजे बंद हो गए। ससुरालिए घर को ताला लगाकर गायब हैं। दीवार फांदकर वह मासूम बेटी के साथ अंदर तो दाखिल हो गई। कमरे बंद होने के कारण उसे बरामदे में ही बेटी के साथ रातें गुजारनी पड़ रही हैं। पड़ोसी व पुलिस उसे खाना खिला रहे हैं। कंवलजीत का आरोप है कि बेटा न होने की वजह से उसे जबरन घर से निकालने के प्रयास हो रहे हैं। अदालत में भी पति ने उसकी इजाजत के बिना तलाक का केस दाखिल कर दिया है। उधर, ससुरालियों ने कंवलजीत के आरोपों को नकार दिया है। मगर यह बात साफ कर दी कि वे उसे घर में नहीं रखना चाहते। इसी वजह से उसके लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं।
6 साल पहले हुई शादी
राजपुरा की रहने वाली कंवलजीत कौर की शादी 20 सितम्बर 2008 को कैंट के अशोक नगर निवासी सुखचैन सिंह के साथ हुई थी। कंवलजीत के मुताबिक शादी के कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीकठाक रहा लेकिन बाद में उसने दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया।

दहेज की मांग को लेकर ही ससुरालिए उसके साथ मारपीट करते रहे। कई बार पंचायत भी हुई। बाद में शादी के एक साल बाद उसने बेटी जेसिका को जन्म दिया जो अब एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है। उसका आरोप है कि बेटा पैदा न होने के कारण तंग किया जा रहा है। तभी उसे घर से बाहर निकालने की साजिश रची जा रही है। कंवलजीत ने कहा कि ससुरालिए लाख कोशिश कर लें लेकिन वह अपने घर से बाहर नहीं जाएगी।
दीवार से अंदर तो दाखिल हो पाई, पर घर में नहीं
कंवलजीत ने बताया कि कुछ रोज पहले अपने परिजनों से मिलने गई थी। तभी ससुरालियों ने उसके लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए। उसने बताया कि 2 दिन पहले जब वह राजपुरा से लौटी तो पति सुखचैन सिंह व दूसरे ससुरालिए घर को ताले लगाकर गायब हो गए। कंवलजीत की मानें तो उसके परिजनों ने दीवार फांदकर उसे अंदर दाखिल करवाया। मगर सभी दरवाजों पर ताला लगा होने के कारण वह घर में दाखिल नहीं हो पाई। कंवलजीत ने बताया कि दो दिन से वह बाहर ही चक्कर काटकर समय बिता रही है। उसने बताया कि उसे रात को बेटी के साथ घर के बरामदे में ही सोना पड़ा रहा है। कभी पड़ोसी उसे खाना दे रहे हैं तो कभी पुलिस मदद कर रही है। उसकी ओर से महेशनगर पुलिस को भी शिकायत दी गई है। उसमें ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
आत्महत्या की देती है धमकी
पति सुखचैन सिंह ने अपनी पत्नी के आरोप सिरे से खारिज कर दिए। उसने बताया कि उसकी पत्नी बेहद मूडी है। छोटी सी बात को लेकर वह उसके साथ कई-कई महीने तक बात नहीं करती। उल्टा, आत्महत्या करने की धमकी देकर पूरे परिवार को जेल भिजवाने की बात कहती है। इसी डर के मारे हमने पुलिस को भी शिकायत दी थी। इसीलिए हमने घर को ताला लगा दिया है। मैं उसे घर में रखना ही नहीं चाहता। मेरे ससुरालिए उसे जबरन दीवार फांदकर घर में दाखिल कर चुके हैं। पत्नी से छुटकारा पाने के लिए मैंने अदालत में तलाक का केस दायर करवाया है।
कार्रवाई का आधार नहीं बन पा रहा
पारिवारिक विवाद की वजह से कंवलजीत को ससुरालियों ने घर से निकाल रखा है। उसने शिकायत भी दी है पर ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं बन पा रहा। कंवलजीत को घर में दाखिल कराने के लिए चाइल्ड एंड वूमन प्रोटेक्शन ऑफिसर को भी बुलाया था पर समाधान नहीं हो पाया। सोने के लिए चादर उपलब्ध कराई गई है। पड़ोसियों के साथ पुलिस भी उसे खाना देने में मदद कर रही है।
- रजनीश यादव, प्रभारी, थाना महेशनगर।
अशोक नगर में घर के अंदर से ही कमलजीत कौर बेटी जेसिका के साथ अपनी बात कहते हुए।