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ताऊ मैनेजर छुट्टी पै सै, एक महीने खाते कोनी खुलैं

7 वर्ष पहले
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बलियाली में जन धन योजना फेल, 31 तक पेंशन बीपीएल कार्ड धारकों को खाता खुलवाने का दबाव

ताऊमैनेजर तो छुट्टी पै जा यह्या सै। एक महीने तै पहले बैंक में खाते कोनी खुलैं। इब तो बवानी खेड़ा या भिवानी म्हैं ही थाम नै खाता खुलवाना पडै़गा। हम तो आड़ै दो आदमी सां। यह बात बलियाली के सर्व हरियाणा ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक में मौजूद कर्मचारी खाते खुलवाने रहे लोगों से कह रहे है। इस कारण पेंशन तथा बीपीएल धारकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर व्यक्ति का खाता बैंक में खाते के उद्देश्य से जन धन योजना की शुरूआत की थी। इसे हर जगह कामयाबी मिली। मगर बलियाली और रामूपुरा गांव में एक ही बैंक है। मगर इस बैंक में इस समय कर्मचारियों के टोटे के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस बारे में ग्रामीण गौरव कुमार, इन्द्र जीत, संतोष रानी, देवराज, कृष्णा देवी, सुभाष,पालाराम, राजकुमार, मुकेश, नवीन आदि का कहना है कि बलियाली तथा रामूपुरा गांव में एक ही बैक हैं तथा दोनों गावों की जनसंख्या लगभग 20 हजार है। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेशानुसार बीपीएल तथा पेंशन धारकों को अपने आधार कार्ड बैंक के खाते खाद्य आपूर्ति विभाग तथा समाज कल्याण विभाग में जमा करवाने जरूरी हैं। इनमें बीपीएल की संख्या 1100 तथा पेंशन धारकों की संख्या 830 है। मगर इस बैंक में कर्मचारियों के टोटे के कारण उन्हें भिवानी या बवानी खेड़ा जाकर अपने बैंक खाते खुलवाने पड़ रहे हैं। वहां किसी बैंक में उनका बिना वेरिफिकेशन के खाता खुल पाना उनके लिए मुसीबत बनी हुई है। इसलिए वहां भी उन्हें धक्के ही खाने पड़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि उनके गांव में खुले बैंक का मैनेजर आने वाले दिनों में होने वाली भीड़ को देख शायद डर गया है। इसी कारण वह एक महीने की छुट्टी पर चला गया। इसके अलावा यहां का एक कर्मचारी पहले ही बीमार होने के कारण डेढ़ महीने से छुट्टी पर चल रहा है। बाकी बचे दो में से एक कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी का है जिसका बैंक खातों से कोई वास्ता नहीं। इसलिए यहां सिर्फ एक ही कर्मचारी बैंक में सुबह आकर शाम को वापस जा रहा है। उसके पास इस तरह की पावर नहीं कि वह उनके खाते खोल सके। इसी कारण उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दो दिन पहले ही हुआ है ऑपरेशन

सर्वहरियाणा ग्रामीण क्षेत्री