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न्यूं बता द् यो मेरा बेटा मेरै तैं पहल्यां क्यूकर पैदा हो ग्या

7 वर्ष पहले
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साहब!मेरी पेंशन चाहे ना बणाओ, मन्नैं न्यूं बता दयो मेरा बेटा मेरै जन्म तैं पहल्यां क्यूकर पैदा हो ग्या। यह बात चनाणी निवासी सूबे सिंह ने कही। वे शुक्रवार सुबह समाज कल्याण विभाग कार्यालय में अपनी बुढ़ापा पेंशन कार्यालय में पेंशन बनवाने के लिए आया था। यहां के अधिकारियों ने उसे कहा कि उसके वोटर कार्ड में तो उसकी उम्र 25 साल ही दिखाई गई है। जबकि आप कह रहे हो कि वह 60 साल का हो गया। इस पर सूबे सिंह ने यहां के कर्मचारियों से कहा कि अगर वे वोटर कार्ड देखकर पेंशन बना रहे हैं तो उसमें उसके बेटे सुनील की उम्र 30 साल और प|ी सुशीला की उम्र 35 साल की दिखाई हुई है। इसका मतलब तो यो होया कै मेरा बेटा मेरै तैं पहल्यां पैदा हो ग्या।

इब्बै मन्नैं न्यूं बता दयो तो इस तरहां का काम क्यूकर होया। इसा काम तो भगवान बी कोनी कर सकै। सुबे सिंह की इस बात पर जहां समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों को हंसी रही थी वे असमंजस में भी थे कि आखिर वे किस हिसाब से उसकी पेंशन बना दें। हालांकि सुबे सिंह उन्हें यह प्रमाण पत्र भी दिखा रहे थे कि उसने 1971 में 10वीं पास कर ली थी। इसका प्रमाण पत्र वह साथ लिए घूम रहा है। उसमें शिक्षा बोर्ड ने उसकी जन्म तिथि नौ अप्रैल 1954 दर्ज की हुई है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों को उसकी बात समझ में नहीं रही।

सुबे सिंह ने समाज कल्याण विभाग ने मजाक भरे लहजे में बोलते हुए कहा जै इस्से तरियां बाप तैं बेटा पहल्यां जन्म लेण लाग्या तो फेर बापां की और बहूआं की जुरते कोनी। इतना होने के बाद भी विभाग ने उसकी पेंशन का फार्म जमा नहीं किया। इसी प्रकार इस कार्यालय में चनाणी गांव के ही आजाद सिंह भी आए हुए थे। उसने बताया कि विभाग ने करीब दो साल पहले उसकी पेंशन बना दी थी। मगर अब विभाग ने उसके पास नोटिस भेजते हुए कहा कि उसकी उम्र इस पेंशन के लायक नहीं थी। इसलिए वह विभाग के पास उसके द्वारा ली हुई पेंशन जमा कराए। आजाद ने बताया कि उसके पास गांव के स्कूल का प्रमाण पत्र है कि उसका जन्म 10 अप्रैल 1952 का है। इस लिहाज से उसकी उम्र 62 साल हो गई। मगर विभाग उसके इस प्रूफ को भी सही मान उससे ही रिकवरी चाह रहा है। इसी प्रकार इसी गांव के रणधीर और सतबीर भी अपनी उम्र का यह प्रमाण लिए घूम रहे थे कि उनकी उम्र 60 साल पूरी हो चुकी है।

चनाणी गांव से कोई फार्म नहीं मिला

^हमारे पास चनाणी गांव के लोगों क