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पेट की बीमारियों से रुक जाता है विकास

5 वर्ष पहले
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एडीसीधीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि पेट में कीड़े होने से पेट से संबंधित अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा हो जाती है। इससे शारीरिक मानसिक विकास रुक जाता है। एलबेंडाजोल टेबलेट से पेट के कीड़ों से छुटकारा मिल जाता है।

एडीसी खड़गटा बुधवार को राकवमा विद्यालय में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के शुभारंभ पर छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी गैर सरकारी तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साल से 19 आयु वर्ष के बच्चों को एलबेंडाजोल की टेबलेट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत तीन लाख 70 हजार बच्चों को टेबलेट खिलाई जाएगी। स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले अधिकांश बच्चों का कारण पेट में दर्द या पेट से संबंधित अन्य बीमारियों का होना होता है। सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया ने कहा कि इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के 600 कर्मचारियों द्वारा स्कूलों आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों को टेबलेट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास रहेगा कि एक भी बच्चा टेबलेट से वंचित रहे। किसी कारणवश बच्चा स्कूल से अनुपस्थित होने के कारण टेबलेट नहीं ले पाता है तो उसको 15 फरवरी को ये टेबलेट दी जाएंगी।

इस मौके पर उप सिविल सर्जन डॉ. मनीष पचार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. राजेश, प्राचार्य रमेश बूरा, डॉ. पूजा तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतपाल पंघाल स्वास्थ्य कर्मी थे।

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कृमि मुक्ति अभियान के तहत छात्राओं को पेट के कीड़े समाप्त करने की गोलियां देते एडीसी धीरेंद्र खड़गटा, साथ में सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया, डॉ. मनीष पचार, प्राचार्य रमेशचंद्र बूरा।

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