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एडीसी बोले, भ्रूण हत्या का शक हो तो मुझे फोन करें

5 वर्ष पहले
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भिवानी। ग्रामीण क्षेत्र में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए अब नव निर्वाचित महिला सरपंच पंच मुख्य भूमिका निभाएगी। महिला सरपंच पंच को गांव के जिस भी व्यक्ति पर शक होगा कि वह कन्या भ्रूण हत्या करवाने वाले गिरोह में शामिल है या ऐसा काम कर रहा है तो उन्हें उसकी सूचना एडीसी के फोन नंबर पर देनी होगी और एडीसी उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेंगे। एडीसी ने महिला सरपंच पंचों को अपना फोन नंबर भी लिखवाया ताकि वो सीधे उनसे संपर्क कर सके।

एडीसी मंगलवार को पंचायत भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में हुए खंड स्तरीय महिला पंच-सरपंच सम्मेलन एवं अपनी बेटी उत्सव पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। कार्यक्रम के दौरान दूसरी बेटी को जन्म देनी वाली 200 महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा लिंगानुपात के लिए बेहतर कार्य करने पर छह आंगनबाड़ी वर्करों को बेस्ट आंगनबाड़ी वर्कर के अवार्ड से नवाजा गया। कार्यक्रम में नव निर्वाचित महिला सरपंच पंच ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवा कर बेटियों को पढ़ाने बचाने की शपथ ली। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा कविता, फैंसी ड्रेस सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा का दर्शाया।
इस अवसर पर जिला न्यायवादी सीमा हुड्डा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मोनिका खन्ना, डीसीपीओ रितु सीडीपीओ दीपिका बजाज ने भी महिलाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सीडीपीओ सुशीला, डिंपल सहित सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे

सरकार की योजनाओं की जानकारी दी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीसी धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि यदि महिलाएं पूर्णरूप से आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी होगी तो समाज एवं देश का सही विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सम्पन्न होना अत्यंत अनिवार्य हैं। इसके लिए अभिभावकों को अल्पायु से ही महिलाओं को शिक्षित करके रोजगार स्वरोजगार के काबिल बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का सही लाभ पात्र महिला तक पहुंचाना हम सब का दायित्व है। जननी सुरक्षा योजना, अपनी बेटी हमारी बेटी, माताओं को सम्मानित करना, उच्च शिक्षा की ओर महिलाओं को प्रेरित करना और उन्हें योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करना सरकार का अहम ध्येय है। सरकार के इस उद्देश्य को साकार करने के लिए लोगों को भी अपना पूर्ण सहयोग देना चाहिए।

अपनी बेटी हमारी बेटी अनूठी योजना

एडीसी ने कहा कि अपनी बेटी हमारी बेटी योजना सरकार की बहुत ही अनूठी और कारगर योजना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों में 22 जनवरी 2015 उसके बाद जन्म लेने वाली पहली लड़की के खाते में 21 हजार रुपये की एकमुश्त राशि जमा करवाई जाती है।
इसके अलावा अन्य सभी परिवारों को दूसरी लड़की के पैदा होने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यह राशि लड़की की आयु 18 वर्ष होने पर ब्याज सहित देने का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मोनिका खन्ना ने कहा कि महिलाओं के शिक्षित होने से वे तीन पीढ़ियों तक परिवार में सभी को सभ्य, संस्कारवान और सही मार्गदर्शन देने का कार्य करती है।

इन्होंने बढ़ाया बेटियों का मान

अपनी बेटी उत्सव के तहत एडीसी ने पहली दूसरी लड़की के पैदा होने पर 200 से अधिक माताओं को सम्मानित किया। इसके अलावा कार्यक्रम में 6 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेस्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अवार्ड से नवाजा गया इनमें मानहेरू से मंजूदेवी, बामला से संतोष, शहरी क्षेत्र भिवानी से ईश्वर दर्शना तथा राजपुरा खरकड़ी की ललिता निमड़ीवाली की सुशीला शामिल हैं।


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