वा तो मन्नै फेसबुक पै टाइम पास समझ थी
वातो मन्नैं फेसबुक पै टाइम पास समझया कर दी। मैं उस तैं साच्चा प्यार करण लाग्या। एक साल पहल्यां उस नैं मेरै तैं या बात कहकीं मेरा दिल तोड़ दिया कै छोरा तेरी औकात म्हैं रहया कर। बस उसी दिन मैंने सोच लिया कि मैं मेरी उस प्रेमिका के लिए एक गीत तैयार कर उसकी शूटिंग करूं और समझाऊं कै मन्नैं उस छोरी तैं साच्चा प्यार करया था। यह कहना है मुंढाल निवासी मंदीप ढुल का। वह पिछले तीन साल से मुंबई में एक्टिंग सीख रहा है। उसकी हाल ही में एक फिल्म मैं शाहरुख खान बनना चाहता हूं रिलीज हुई थी जिसमें उसने एक कॉमेडियन का रोल किया है। अब उसकी इच्छा है कि वह अपनी उस प्रेमिका को बताए कि भले ही उस युवती ने उसे फेसबुक पर टाइमपास समझा हो, लेकिन वह उसे सच्चा प्यार करता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उसने पंजाबी में एक गीत लिखा है जिसकी वीडियो शूटिंग वह 12 से 14 दिसंबर तक अपने ही पैतृक गांव मुंढाल में करेगा। इस पंजाबी गीत का मुखड़ा ढुल ने ज्या मेरे माही मैंनू और ना रूआई वे रखा है। इसके अलावा इस दौरान वह एक अन्य हरियाणवी गीत की भी शूटिंग करेगा जिसे उसने मां और बेटे की लंबी जुदाई को केंद्रित किया है। इसके बोल हैं कदे दूध पिलांदी, कदे देंदी खाणा, जद रोंदा मैं फेर उसका चुप कराणा।
मंदीप ढुल ने बताया कि वह पिछले तीन साल से अपनी हसरत पूरी करने के लिए मुंबई में अपनी मां से दूर बैठा है। इस दौरान वह कभी कभी ही गांव आया है, लेकिन उसे अपनी मां की जुदाई बहुत परेशान करती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उसने ये दोनों गीत खुद तैयार किए, खुद गाएगा और खुद पर ही फिल्माएगा। ये दोनों ही गीत हाई डेफिनिशन (एचडी) होने के कारण बड़े पर्दे पर भी देखे जा सकते हैं। ढुल ने बताया कि वह इन दोनों गानों की रिकार्डिंग और वीडियोग्राफी अपने गांव के अलावा भिवानी में ही करेगा। उसकी इच्छा है कि बड़े पर्दे पर प्रदेश के लोग उसकी कला को पहचानें।
मंदीप ढुल