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मिताथल के परिवार ने गौवंश के नाम कर दी पांच एकड़ जमीन

7 वर्ष पहले
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भिवानी। शहर के एक परिवार ने जहां अपने बेटे की शादी में रिसेप्शन पर गौवंश पक्षियों के लिए दावत देकर नई मिसाल प्रस्तुत की थी तो वहीं अब पड़ोसी गांव मिताथल के ओमस्वरूप परिवार ने गौवंश के पालन पोषण के लिए पांच एकड़ में गौशाला चलाने का फैसला लिया है। शनिवार को गौशाला की वेद मंत्रों के साथ खूबीनाथ डेरा प्रमुख भगवान गिरी महाराज ने नींव रखी। डेरा प्रमुख ने कहा कि यह पहल सार्थक है और अन्य गौ भक्त भी प्रेरणा लेकर इसका अनुसरण करेंगे। पांच एकड़ जमीन में से लगभग पौने दो एकड़ में गौशाला का निर्माण तो शेष में गायों के चारे के लिए प्रबंध होगा।
जेबीटी सुरेंद्र सिवाच और उनके छोटे भाई साइंस टीचर नरेंद्र सिवाच ने बताया कि उनके दादा जी पांच भाई थे। उनमें से शंकर ने शादी नहीं की थी। इसलिए हम दोनों भाइयों ने यह फैसला लिया कि गौशाला का नाम उनके दादा शंकर के नाम पर होगा।

नरेंद्र ने बताया कि गौशाला में देसी गायों को प्राथमिकता दी जाएगी। क्योंकि दूध देने वाली गायों को तो लोग घर में बांध कर रखते हैं। इसलिए सबसे पहले लावारिस देसी गाय, बछड़ों सांडों को गौशाला में रखा जाएगा। सुरेंद्र इस समय सिवानी के राजकीय स्कूल में और नरेंद्र मिताथल के राजकीय स्कूल में कार्यरत हैं। सुरेंद्र के एक लड़का एक लड़की और नरेंद्र के भी एक लड़का एक लड़की हैं।
इस समय गांव में दादा शंकर के नाम पर सेवा समिति भी चलाई जा रही है। समिति के प्रधान सुरेंद्र के बड़े बेटे पवन कुमार सिवाच हैं। समिति इस समय गांव के बुजुर्गों को पढ़ाना, स्वच्छता अभियान सामाजिक कार्यों में लगी हुई है।

परिवार दादा शंकर सेवा समिति उठाएगी निर्माण का खर्च
गौशाला की नींव तो रखी जा चुकी हैं। अब उसका निर्माण शुरू होगा। निर्माण में लगने वाला सारा खर्चा परिवार और समिति के युवा वहन करेंगे। समिति के सदस्य आशीष सिंधु ने बताया कि समिति में 20 युवा हैं। गांव के सरपंच धर्मबीर से बात हुई तो उन्होंने कहा कि ओमस्वरूप परिवार द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है। इससे सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को सिर छुपाने के लिए छत मिल जाएगी और पंचायत भी इसमें अपना सहयोग अवश्य करेगी।
खूबीनाथ डेरा प्रमुख भगवान गिरी महाराज ने रखी गोशाला की नींव, आवारा सांड देसी गायों को दी जाएगी प्राथमिकता, पंचायत भी करेगी सहयोग ।