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24 घंटे में 85 हजार यूनिट बिजली की खपत बढ़ी

7 वर्ष पहले
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भिवानी। मात्र 24 घंटे में सर्दी का असर बिजली आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। शनिवार को बूंदाबांदी और शीतलहर से जिले के अधिकतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी। इससे बिजली की खपत भी मात्र 24 घंटे में 85 हजार यूनिट बढ़कर 74.10 लाख यूनिट हो गई। हालांकि पिछले तीन दिन से मौसम में परिवर्तन रहा है और बिजली की खपत भी लगातार बढ़ रही है। निगम सूत्रों की मानें तो 11 दिसंबर को जिले को 70.77 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति दी गई थी, लेकिन 12 दिसंबर को 73.25 और 13 दिसंबर को शहर की आपूर्ति 74 लाख यूनिट खपत का आंकड़ा पार कर चुकी है।
यह हाल तो तब है जब जिले में रोजाना तीन से चार घंटे के अघोषित कट लग रहे हैं। डीएचबीवीएन के आंकड़ों पर नजर डाले तो सर्कल में 2.70 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में 2500 ट्यूबवेल कनेक्शन भी हैं। रबी की फसल में इस समय सिंचाई की जरूरत है। इस मौसम में उम्मीद के अनुरूप बारिश होने से किसान फसलों को सर्दी बचाने के लिए जमीनी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों ने खुद काे सर्दी से बचाने के लिए अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
शहर में 24 घंटे आपूर्ति का है शेड्यूल : निगम अधिकारिक तौर पर भिवानी सर्कल में घरेलू, गैर घरेलू कृषि के लिए बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। इस शेड्यूल के हिसाब से शहर में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है। जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 14 घंटे एग्रीकल्चर के लिए मात्र 8 घंटे बिजली आपूर्ति का नियम है।
जिले में एक दिसंबर से रोजाना इस प्रकार हुई बिजली की खपत
8 दिसंबर 65.75लाख यूनिट
9दिसंबर 66.87लाख यूनिट
10दिसंबर 63.90लाख यूनिट
11दिसंबर 70.77लाख यूनिट
12दिसंबर 73.25लाख यूनिट
13दिसंबर 74.10लाख यूनिट
1 दिसंबर 55.34लाख यूनिट
2दिसंबर 55.00लाख यूनिट
3दिसंबर 60.60लाख यूनिट
4दिसंबर 54.68लाख यूनिट
5दिसंबर 65.67लाख यूनिट
6दिसंबर 62.69लाख यूनिट
7दिसंबर 65.74लाख यूनिट

तीन से चार घंटे कटौती : निगम सूत्रों के अनुसार शहर में चौबीस घंटे आपूर्ति का प्रावधान होने के बावजूद रोजाना तीन से चार घंटे की बिजली कटौती हो रही हैं। कई बार ये बिजली कट 45 मिनट से डेढ़ घंटे तक लंबे हो जाते हैं, जो जनजीवन में दिनचर्या को भी प्रभावित कर रहे हैं।

''फिलहाल बिजली आपूर्ति को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। इस समय धान की पौध तैयार होने से सिंचाई में बिजली की खपत कम है। इस अतिरिक्त बिजली का इस्तेमाल यहां हो रहा है। रोजाना 70 लाख यूनिट से अधिक की खपत हो रही है।'' - दलजीत सिंह, एसई,बिजली निगम ।