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ग्रीन बेल्ट से नहीं उखाड़ने दिए पेड़ रुकवाया पानी लाइन का काम
हुडाद्वारा सेक्टर के भगत सिंह चौक से लेकर सिटी रेलवे स्टेशन तक जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा डाली जा रही पेयजल आपूर्ति की लाइन के काम को रविवार सुबह सेक्टर 23 के लोगों ने रुकवा दिया। लोगों का आरोप था कि ठेकेदार सेक्टर 23 की ग्रीन बेल्ट में पाइप डालने के लिए हरे पेड़ों काे कटवा रहा है जो गलत है। लोगों ने जब ठेकेदार से परमिशन लेने की बात पूछी तो ठेकेदार ने कहा कि अधिकारियों ने लिखित में परमिशन ले रखी है। जब लोगों ने परमिशन दिखाने के बात कही तो उसने कहा कि वह परमिशन नहीं दिखाएगा। इस पर हुडा के बागवानी विभाग का सुपरवाइजर दयाराम मौके पर पहुंचा और इसकी शिकायत सेक्टर चौकी में दर्ज कराई।
रविवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग का ठेकेदार जेसीबी मशीन के साथ पेयजल आपूर्ति की लाइन की खुदाई के लिए सेक्टर 23 पहुंचा और ग्रीन बेल्ट की एक हिस्से की दीवार तोड़कर जेसीबी मशीन अंदर घुसा दी। उन लोगों ने जेसीबी से दो तीन हरे पेड़ों को भी उखाड़ दिया। लोगों को जब इसकी भनक लगी तो वे ठेकेदार के पास पहुंचे और ग्रीन बेल्ट में काम करने का अनुमति पत्र दिखाने की बात कही। इस पर ठेकेदार ने बताया कि दो तीन दिन पहले उनकी हुडा के अधिकारियों की बैठक हुई थी।
उसमें राजीव काॅलोनी में पेयजल पहुंचाने के लिए शीघ्र पाइप लाइन डालने की बात कही थी। एसडीओ ने बैठक में कहा था कि ग्रीन बेल्ट को खोदकर उसमें पाइप लाइन डाली जाए। एसडीओ के आदेश पर ही यह काम शुरू किया गया है।
कॉलोनीअवैध है
सेक्टर23 निवासी चंद्रपाल एडवोकेट, चंद्रपाल सिंह, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 23 के प्रधान ओमप्रकाश धारीवाल, प्रवीण बजाज ने बताया कि जिस कॉलोनी के लिए ग्रीन बेल्ट तोड़कर लाइन डाली जा रही है उससे हुडा का कोई लेना देना नहीं है ऐसे में हुडा अधिकारी ग्रीन बेल्ट तोड़ने उसमें लगे पेड़ों को काटने की परमिशन क्यों देंगे।
सुपरवाइजरने कहा कोई परमिशन नहीं ली
हुडाके बागवानी विभाग के सुपरवाइजर दया राम को जब इस बारे में पता चला तो वो भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने विभाग के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली। दयाराम ने कहा कि अधिकारियों ने बताया कि उनसे किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं ली गई है।
इस बारे में जब जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने दीवार गलत तोड़ी है। होर्टी कल्चर विभाग के एक्सईएन से मेरी