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सरपंच पंच ने कब्जा कर बनाया भवन

7 वर्ष पहले
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गांवढाबढाणी की पंचायती भूमि पर सरपंच उसके भाई और एक पंच द्वारा अवैध कब्जा कर उस पर भवन निर्माण कराए जाने के मामले में अपनी रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में सरपंच पंच द्वारा पंचायती भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर उस पर मकान बनाने के आरोपों को साबित कर दिया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए डीसी को भेजी गई है।

गांव ढाबढाणी निवासी जगदीश, पूर्व पंच समेर सिंह, पंच जयसिंह ने जिला प्रशासन को शिकायत दी थी कि गांव के सरपंच कुछ पंच मिलकर पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर मकान भी बनाए जा चुके हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने लोकायुक्त को भी की थी। इसी मामले में जांच एसडीएम को सौंपी गई। शिकायत में पंचायती जमीन का खसरा नंबर 516 पर सुरेंद्र, खसरा नंबर 232 231 पर पंच मानसिंह द्वारा अवैध कब्जा दिखाया गया। इसकी आरटीआई के जरिए भी रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें इस जमीन पर निर्माण किया हुआ बताया गया। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में पंचायत की मिल्कियत जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। इस मामले में एसडीएम ने तहसीलदार की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद सरपंच सुरेंद्र सिंह उसके भाई राजेश, पंच मानसिंह उसके भाई हरिसिंह पर पंचायती भूमि पर कब्जा करने के आरोपों को सही पाया। इस रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसी को रिपोर्ट भेजी है।

सभीआरोप निराधार: सुरेंद्र सिंह

गांवढाबढाणी के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उन पर लगे सभी आरोप निराधार है। शिकायत में खसरा नंबर 516 पर नाजायज कब्जा कर मकान बनाए जाने की बात गलत है। भूमि की पैमाइश सही नहीं की गई है। उन पर आरोप राजनीतिक द्वेष की वजह से लगाए गए हैं। उधर, पंच मान सिंह का कहना है कि पंचायती जमीन पर उनका कोई कब्जा नहीं है। खसरा नंबर 231 232 की मलकियत पंचायत मंदिर राधेश्याम की है, जिसका नियमानुसार बंटवारा होने पर ही साफ होगा।

सभी पक्षों को सुनने के बाद लिया फैसला: एसडीएम

एसडीएमसंजय राय ने बताया कि गांव ढाबढाणी की पंचायती भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा तहसीलदार के माध्यम से मौके पर जमीन की पैमाइश कराई गई। इसके उपरांत ही इस मामले में फैसला लिया गया है। जांच रिपोर्ट सरपंच पंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसी को भेजी गई है।