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छह लैब तकनीशियन हटाए, पांच पर आएगा सारा भार
जिलासामान्य अस्पताल में खून के नमूनों की जांच में जल्द समस्या आने वाली है। क्योंकि जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल की लैब में लगे छह लैब तकनीशियनों(एलटी) की सेवाएं समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। इन लैब तकनीशियनों को मार्च 2013 अप्रैल 2014 में रिक्त पदों पर अनुबंध आधार पर एनआरएचएम के जरिए जननी शिशु सुरक्षा स्कीम के तहत भर्ती किया गया था। सीएमओ ने इन सभी एलटी को 15 दिन का नोटिस जारी करते हुए सेवाएं समाप्त किए जाने का फरमान जारी कर दिया है। सीएमओ के आदेश पर इन कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सबसे अहम बात तो यह है कि रिक्त पदों पर भर्ती किए गए लैब तकनीशियनों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश के बाद जिला सामान्य अस्पताल में हजारों खून के नमूनों की जांच का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। विभागीय सूत्रों की माने तो फिलहाल जिला सामान्य अस्पताल में लैब तकनीशियनों के 12 पद स्वीकृत किए हुए हैं। इनमें से पांच पदों पर नियमित लैब तकनीशियन लगे हुए हैं, जबकि छह पदों पर अनुबंध आधार पर लैब तकनीशियन लगाए हुए हैं। जबकि एक बायोकेमिस्ट,पैथोलॉजी, माइक्रोलॉजिस्ट बीटीओ के पद लंबे अर्से से खाली पड़े है।
हररोज होती है 600 खून के नमूनों की जांच
जिलासामान्य अस्पताल में हर रोज करीब 600 खून के नमूनों की जांच की जाती है। इस कार्य में एक समय में कम से कम तीन लैब तकनीशियन होते हैं। चौबीसों घंटे लैब में टेस्टिंग सुविधा होने की वजह से ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है। इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने के बाद सिर्फ पांच एलटी ही बचेंगे, जिनके कंधों पर हजारों खून टेस्टिंग का दारोमदार रहेगा। इसके अलावा पेशाब टेस्टिंग अन्य टेस्ट भी इन्हीं को करने होते हैं।
एकनहीं अनेक ड्यूटी देने का दबाव
लैबतकनीशियनों पर ब्लड बैंक में नियमित ड्यूटी देने के अलावा ब्लड डोनेशन कैंप में भी ड्यूटी देनी पड़ती है। जबकि वीआईपी ड्यूटी के दौरान भी उन्हें भेजा जाता है। ब्लड बैंक में चौबीसों घंटे एलटी को तैनात किया जाता है। ऐसे में जिला सामान्य अस्पताल के ब्लड बैंक में भी काम प्रभावित हो सकता है। जबकि वीआईपी ड्यूटी देनी पड़ी तो फिर यहां पर खून के नमूने जांच का इंतजार करेंगे। अगर कोई एलटी छुट्टी पर जाता है तो भी स्थिति बिगड़ जाएगी।
ऐसेतो फेल हो जाएगी जननी शिशु सुरक्षा योजना