पानी की खपत घटने से बढ़ी लाइन लीकेज
सुबहऔर रात के मौसम में परिवर्तन होने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलने के अलावा शहर में पानी की खपत भी कम हो रही है। इससे विभाग के सामने पानी की लाइन फटने और लीकेज की समस्या पैदा होने लगी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए अब विभाग ने शहर में पानी की सप्लाई को धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया है।
शहर में पानी की सप्लाई महम रोड जलघर, तोशाम बाइपास और निनाण गांव में बने जलघरों से पानी की सप्लाई होती है। इस साल गर्मी के सीजन में विभाग ने शहर में 50 लाख लीटर पानी की रोजाना सप्लाई की है। मगर, अब मौसम का रुख बदलने और पानी की खपत कम होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के सामने पानी की कमी या कम सप्लाई की समस्या नहीं रही है।
जिले का मौसम पिछले एक सप्ताह से लगातार बदल रहा है। रात को लोगों ने कूलर चलाने भी बंद कर दिए हैं। इस वजह से जो लोग गर्मी में दिन में दो से तीन बार स्नान करते थे। इसके अलावा अपने घर और आंगन में पानी का छिड़काव भी करते थे। लोगों को अपने मकानों में लगे पेड़ पौधों को बचाने के लिए भी गर्मी के मौसम में पानी की ज्यादा जरूरत थी। मगर अब ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ रही। क्योंकि पिछले एक सप्ताह से जिले का मौसम सुहावना होने लगा है। इसमें रात और सुबह के समय जहां लोगों को गुलाबी ठंड का एहसास होता है। हालांकि दिन में हल्की गर्मी का सामना जरूर करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पानी की खपत कम होने से विभाग की पानी की लाइनें पानी के बढ़ते प्रेशर के कारण फटने लगी हैं तो इससे पानी की लाइनों के लीक होने की समस्या भी पैदा होने लगी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिन में ही शहर के हालुवास गेट, ढाणा रोड और विद्यानगर आदि क्षेत्रों में पानी के प्रेशर के कारण पानी की लाइनें फटकर लीकेज को बढ़ावा दे रही हैं। इससे इन क्षेत्रों के लोगों के मकानों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अब शहर में पानी की सप्लाई को रोजाना पांच लाख लीटर कम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा जब दिसंबर और जनवरी के महीने में सर्दी बढ़ने के साथ ही पानी की खपत और कम होगी तो विभाग को शहर में पानी की लाइनों को फटने और लीकेज से बचने के लिए इसमें और कमी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शहर में रोजाना कहीं कहीं पानी के प्रेशर के कारण ये लाइनें यूं ही फटती रहेंगी