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एक्सईएन के खिलाफ की नारेबाजी

7 वर्ष पहले
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भिवानी। म्हारा साहब कर्मचारियां तै रिश्वत मांगे सै। आप तै वारी आवै अर जो कर्मचारी हाजर रहवै उसनै बी गैर हाजर कर दे सै। सोमवार सुबह 9 बजे एसएंडपी एक्सईएन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने ये आरोप जड़े। हांसी रोड स्थित दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसएंडपी (अनुरक्षण एवं संरक्षण मंडल) कार्यालय के बाहर एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने एक्सईएन की तानाशाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने एक्सईएन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी राजबीर प्रधान, राजबीर सिंह, रमेश चांगिया, महेश रोहिल्ला, कृष्ण राठी, अशोक यादव, पूर्ण सिंह, रामनिवास का आरोप है कि एक्सईएन ने हेड ड्राफ्ट्समैन सुखबीर दलाल की 55 साल की सर्विस पूरी होने पर तीन साल की एक्सटेंशन के लिए फाइल आगे नहीं भेजी। फाइल को अपने कार्यालय में ही 15 दिन तक दबाए रखा। इस कर्मचारी को एक्सईएन ने अब रिलीव कर आॅन रोड कर दिया है।
जबकि कर्मचारी को रिलीव कर आन रोड करने की पावर उनके पास नहीं है। इसके लिए एसई एचआर से अनुमति जरूरी होती है। लेकिन नियमों पर ताक पर रखकर कर्मचारियों पर तानाशाही की जा रही है। एसएंडपी के सभी कर्मचारियों ने भी एक्सईएन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक एक्सईएन अपनी तानाशाही बंद नहीं करता, तब तक यूनियन पदाधिकारी अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

कार्यप्रणाली में तानाशाही और रिश्वत मांगने के भी आरोप लगाए : यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि एसएंडपी के कर्मचारियों से भी रिश्वत मांगी जा रही है, इस वजह से कर्मचारी डिप्रेशन में काम कर रहे हैं। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि एक्सईएन हर रोज दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में आते हैं, लेकिन कर्मचारियों के कार्यालय में मौजूद रहने पर भी उनको गैर हाजिर कर दिया जाता है। इस तरह की तानाशाही के खिलाफ कर्मचारियों ने अब आंदोलन का बिगुल बजाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक कर्मचारियों ने एक्सईएन आफिस के बाहर नारेबाजी की। लेकिन एक्सईएन साहब दोपहर साढ़े 11 बजे तक भी कार्यालय नहीं पहुंचे थे।

(एमएंडपी एक्सईएन कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर नारेबाजी करते एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सदस्य।)