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राजबीर हत्याकांड में को तीन उम्रकैद

7 वर्ष पहले
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प्रह्लादगढ़के बहुचर्चित राजबीर हत्याकांड में न्यायालय ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस वधवा की अदालत ने राजबीर हत्याकांड में तीन आरोपितों को उम्रकैद 25 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश किए गए चालान के अनुसार 20 मार्च 2012 को तोशाम बाईपास पर गांव प्रह्लादगढ़ निवासी राजबीर का शव बरामद हुआ था। राजबीर गांव के ही दो अन्य लोगों के साथ खेत में बैठा हुआ था। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने उसे गोली मार दी थी। पुलिस ने इस संबंध में हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस संबंध में कृष्ण, सुनील और राजेश को गिरफ्तार किया। इन तीनों ने राजबीर की हत्या किए जाने का जुर्म पुलिस के सामने कबूल कर लिया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस वधवा ने इस मामले में कृष्ण, सुनील और राजेश को उम्रकैद 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

पूर्वसीपीएस का नाम भी उछला था

राजबीरहत्याकांड में पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी का नाम भी उछला था। इसी वजह से यह मामला काफी दिनों तक गर्माया रहा। इस हत्याकांड के चश्मदीद सुभाष ने रामकिशन फौजी पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। मगर, पुलिस तफ्तीश में फौजी का कोई रोल नहीं मिला।

प्रह्लादगढ़में हुई थीं पंचायतें

राजबीरहत्याकांड पुलिस के लिए पेचीदा था तो ग्रामीण भी उसकी हत्या की असली वजह जानने के लिए उत्सुक थे। यही वजह रही कि प्रह्लादगढ़ में राजबीर हत्याकांड को लेकर कई बार पंचायतों का दौर भी चला। इस हत्याकांड में पुलिस पर भी पंचायत ने कई सवाल खड़े किए थे।

फैसलेसे नहीं हूं संतुष्ट: सुभाष

प्रह्लादगढ़के राजबीर की हत्या में चश्मदीद सुभाष का कहना है कि वह कोर्ट के इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। क्योंकि उन्होंने न्यायालय के समक्ष गवाही दी थी कि ये तीनों हत्यारे नहीं है। उसने हाई कोर्ट में इस मामले की सीबीआई जांच कराने की याचिका दी हुई है। वह न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

लूटकी योजना बनाते पकड़े थे हत्यारे- पेज 3 पर

राजबीर (फाइल फोटो)